फिरोजाबाद। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिवस मंगलवार को बाल दिवस के रूप में पूरे देश में मनाया जाएगा। बच्चों और बचपन की बात की जाए तो सुहागनगरी पर लगा बालश्रम का दाग कई दशकों के बाद भी नहीं मिट सका है।
सर्वे के आंकड़ों को देखें तो शहर एवं आसपास के गांव के 4550 परिवारों के 8781 बच्चे काम करने को विवश हैं। 4492 बालक तथा 4289 बालिकाएं हैं। 7572 खतरनाक व 1209 सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। 3887 बालश्रमिक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक स्कूल का मुंह नहीं देखा।
सर्वे में 4550 परिवारों में 3327 हिंदू परिवार, 1172 मुस्लिम परिवार व एक ईसाई परिवार शामिल है। 2072 बालश्रमिक दो घंटे, 3267 चार घंटे, 2604 छह घंटे, 687 आठ घंटे तक काम करते हैं।
8781 बालश्रमिक चूड़ी झलाई-1092, चूड़ी जुड़ाई 563, बेलन 2484, रंगाई 52, फूट बजाना-29, कटाई 123, चूड़ी अन्य-123, दुकान में सहायक 30, मजदूरी-551, घरेलू कार्य 1961,अन्य 549। इनमें 8370 बालश्रमिक घरों पर, 76 दुकान पर, कारखाने में 27, गोदाम में 110 व अन्य स्थानों पर 198 काम करते हैं।