मैनपुरी। बिजली कटौती तथा बार-बार की आवाजाही से पानी की समस्या से भी लोगों को जूझना पड़ रहा है। रात में हो रही कटौती के कारण सुबह पानी का हाहाकार मचता है। वहीं अघोषित कटौती का असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और व्यापारियों के कारोबार पर भी पड़ रहा है। कुटीर धंधे भी प्रभावित हो रहा है। इसका लोगों में आक्रोश है।
जिले में करीब 20 दिनों से बिजली की आपूर्ति का रोस्टर धड़ाम हुआ है। उमस भरी गर्मी के मौसम में अघोषित कटौती और बार-बार की आवाजाही से लोग परेशान हो चुके हैं। शहर और गांव दोनों जगह कटौती के हालात एक जैसे हैं। गुरुवार की रात शहर के मोहल्ला छपट्टी, वंशी गौहरा, पुरानी मैनपुरी, राजा का बाग क्षेत्र में रात आठ बजे के बाद शुरू हुई बिजली की आवाजाही रात 12 बजे के बाद ही सुचार हो सकी।
शुक्रवार को भी पूरे दिन बिजली की आवाजाही बनी रही। देहात के बिछवां, किशनी, सुल्तानगंज, औंछा, कुर्रा, बरनाहल क्षेत्र के बड़े इलाके में गुरुवार की रात तथा शुक्रवार को दिन में भी बिजली आपूर्ति बाधित रही। लोगों का कहना है बिजली के आने जाने का कोई समय तय नहीं है।
रात में बिजली आपूर्ति बाधित होने से पानी की टंकियां नहीं भर पाती हैं। इससे लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पानी की आपूर्ति नहीं मिलने पर सुबह के समय लोगो को हैंडपंप से पानी भरकर ले आना पड़ता है। वहीं भी सुबह-शाम तो पानी भरने वालों की भीड़ रहती है।
छात्रा प्रज्ञा, कोमल, छात्र अग्रिम, पवतेंद्र का कहना है रात नौ बजे के बाद जब पढ़ने का समय होता है, तभी बिजली का आना जाना शुरू हो जाता है। बिजली न होने से पढ़ाई नहीं हो पाती है। होमवर्क करने तक में परेशानी होती है। फोन करने पर बिजली जाने की वजह भी विभागीय अधिकारी, कर्मचारी नहीं बताते हैं। ऐसे में लगातार हो रही बिजली कटौती में आखिर किस तरह पढ़ाई की जाए।
गुंजन जैन, मनोज चतुर्वेदी, संतोष मिश्रा, बाली राठौर, सिकंदर वारसी का कहना है बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से पानी तक के लिए भटकना पड़ता है। सुबह के समय घरेलू काम निपटाने के साथ ही बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने तक में परेशानी होती है। पानी न आने से दिनचर्या ही बिगड़ जाती है।
अधीक्षण अभियंता उमेशचंद्र वर्मा का कहना है इमरजेंसी रोस्टिंग अचानक मिले निर्देशों के बाद ही की जाती है। लोकल फाल्ट होने पर आपूर्ति लोकल स्तर पर ही बंद करके फाल्ट सही किया जाता है। प्रयास है कि लोगों को रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति मुहैया कराई जाए।