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उमसभरी गर्मी में बिजली कटौती से गुस्सा

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मैनपुरी। उमस भरी गर्मी में बिजली की अघोषित कटौती से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शहर से लेकर देहात तक आपूर्ति रोस्टर धड़ाम हो चुका है। आपूर्ति के दौरान भी बार-बार की कटौती से लोग परेशान हो चुके हैं। इससे जहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं कारोबार और खेती पर भी असर पड़ रहा है।
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तेज धूप तथा उमस भरी गर्मी के बीच शनिवार को भी पूरे दिन बिजली की आवाजाही बनी रही। शुक्रवार की रात भी शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। मोहल्ला छपट्टी, वंशी गौहरा, पुरानी मैनपुरी, राजा का बाग क्षेत्र में रात आठ बजे से शुरू हुई बिजली की आवाजाही रात 10 बजे तक जारी रही।

वहीं शनिवार को भी पूरे दिन बिजली की बार-बार हो रही ट्रिपिंग ने लोगों को परेशान किए रखा। ग्रामीण क्षेत्र में बिछवां, किशनी, एलाऊ, कुसमरा, बरनाहल क्षेत्र के बड़े इलाके में शुक्रवार की रात बिजली आपूर्ति बाधित रही। क्षेत्र के रहने वाले आदेश वर्मा, कमल वर्मा, सतेंद्र यादव, उमेश बाजपेयी, सरल बाबू, राजेश वर्मा, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद खालिद, अजमेरी, अब्दुल रहमान आदि का कहना है रोस्टर के हिसाब से बिजली की आपूर्ति नहीं की जा रही है।
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लोकल फाल्ट के नाम हर समय कटौती की जाती है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश भी पनपने लगा है। मामले में अधिशासी अभियंता एससी शर्मा का कहना है इमरजेंसी रोस्टिंग अचानक मिले निर्देशों के बाद ही की जाती है। लोकल फाल्ट होने पर आपूर्ति लोकल स्तर पर ही बंद करके फाल्ट को सही किया जाता है। प्रयास है कि जितनी बिजली उपकेंद्रों को मिल रही है, उसे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाए।
उधर, बारिश के बाद अब दो दिनों से उमसभरी गर्मी का कहर जारी है। शनिवार को तो ऐसी तीखी गर्मी रही, जिसके कारण लोग घर-बाहर हर जगह परेशान रहे। गर्मी के बीच स्कूल जाने वाले बच्चे भी पसीने से बेहाल दिखे। वहीं सुबह से ही चटकी तेज धूप के कारण दिन का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

जिले में दो दिनों तक झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार से मौसम साफ है। इसके कारण शनिवार को तेज धूप निकली। इसके साथ ही गर्मी ने भी पांव पसार लिया। तेज धूप, गर्मी के साथ ही भीषण उमस से भी लोग परेशान रहे। पंखे चलने के बाद भी उमस के कारण लोग पसीने से भीग रहे थे।

वहीं बाहर भी हवा नहीं चलने से लोगों में बेचैनी रही। बढ़ी गर्मी के चलते बच्चे भी परेशान रहे। घर से बाहर निकली महिलाएं छतरी के सहारे खुद को धूप से बचाने की कोशिश करती दिखी। वहीं आसमान साफ होने के कारण किसान भी फिर चिंतित हो उठे हैं। किसानों के अनुसार धान की फसल के लिए बरसात की जरूरत है।
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