कासगंज। गंगा में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। जिसके चलते मेहोल बांध में कटान तेज गति से हो रहा है। सिंचाई विभाग को अभी कटान रोकने में सफलता नहीं मिल पा रही। मेहोल गांव के ग्रामीण बांध के कटान को लेकर बेहद चिंतित हैं। वे लगातार कटान पर निगाह बनाए हैं।
रविवार को गंगा का जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ गया। कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर शनिवार को 163.20 मीटर के निशान पर था। रविवार को यही जलस्तर 163.40 मीटर के निशान पर था। नरौरा से पानी का डिस्चार्ज 77679 क्यूसेक का था, जबकि बिजनौर बैराज से 56136 और हरिद्वार बैराज से 45293 क्यूसेक का था। गंगा के घाटों पर जलस्तर बढ़ने से जहां श्रद्धालुओं में हड़कंप था, वहीं घाट के दुकानदार भी बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंतित थे। बढ़ते जलस्तर के कारण उन्हें बार बार अपनी दुकानें हटानी पड़ रही हैं।
सबसे ज्यादा खतरे के हालात पटियाली के मिट्टी के कच्चे मेहोल बांध पर है। यहां गंगा की धारा बांध को काफी बड़े क्षेत्र में लगातार कटान कर रही है। बांध के कटने का सिलसिला तेजी से जारी है। कुछ स्थानों पर तो हालात ऐसे हैं कि बांध में कभी भी कटान हो सकता है। थोड़ा कटान होते ही पानी का दबाव बढ़ने पर बांध का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है।
ऐसी स्थिति मेहोल गांव के ग्रामीणों के लिए बेहद खतरे वाली है। इस गांव में करीब 1800 लोगों की आबादी है। हालांकि गांव के लोग बांध की स्थिति पर नजर बनाए हैं, लेकिन बांध कटने पर उनके सामने संकट के सिवाए कुछ और रास्ता नहीं है। सिंचाई विभाग के बांध की मरम्मत के लिए कर्मियों को लगाया लेकिन पानी का दबाव ज्यादा होने के कारण शाम तक कटान नहीं रुक पाया था। ग्रामीण भी कटान रोकने में दिन भर जुटे रहे लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। मेहोल बांध के कटने के बाद असदगढ़ बांध को भी खतरा हो जाएगा। ऐसी स्थिति पैदा होते ही कई गांव में तबाही का मंजर पैदा हो सकता है।
सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप
पटियाली। मेहोल गांव के ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश से पहले यदि ठीक तरह से सिंचाई विभाग ने बांध की मरम्मत की होती तो यह हालात पैदा न होते। अब मेहोल गांव खतरे के मुहाने पर है। बांध का कटान सिंचाई विभाग रोक नहीं पा रहा। ग्रामीण सरबन सिंह, किशनवीर, अराब सिंह, महावीर, विनय, रामपाल,वीर सिंह, मुकेश, राजेश, चंद्रवीर ने बांध की शीघ्र मरम्मत कराने की जिलाधिकारी से मांग की है।
बांध में मरम्मत कराने के सिंचाई विभाग को निर्देश दिए हैं। पटियाली के एसडीएम, तहसीलदार एवं राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है। ग्रामीणों को भी अलर्ट किया गया है। शीघ्र ही कटान पर काबू पा लिया जाएगा।
- आरपी सिंह, जिलाधिकारी