पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन के जरिए खाद और बीज वितरण करने की मंशा को पलीता लगा रहे विक्रेताओं के खिलाफ प्रशासन ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। कृषि विभाग ने 150 उर्वरक और बीज विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। तीन दिन में मशीन नहीं लगाने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी भी दी है। इस कार्रवाई से खाद और बीज विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
प्रदेश सरकार ने किसानों को खाद और बीज की सब्सिडी खाते में देने के लिए हर विक्रेता को पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन वितरित करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत विभाग ने जिले में ब्लॉक वार पीओएस मशीनों का वितरण करना शुरू किया। इसमें 30 जून से दो जुलाई तक विकासखंड वार कैंप लगाकर मशीन मुफ्त में वितरित की गईं। विभाग को कुल 311 पीओएस मशीनों का वितरण करना था। इसमें 54 मशीनों का वितरण प्रशिक्षण के दौरान कर दिया गया था। इसके बाद ब्लॉक वार लगे कैंपोें से महज 107 विक्रेताओं ने मशीन लेने में रुचि दिखाई। जबकि 150 विक्रेताओं ने मशीनों का क्रय नहीं किया।
गुरुवार को जिला कृषि अधिकारी डा. सर्वेश यादव ने जब मशीन वितरण की हकीकत जानी तो उन्होंने 150 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इन उर्वरक-बीज विक्रेेताओं के लाइसेंस अग्रिम आदेश तक निलंबित किए गए हैं। विक्रेताओं को तीन दिन का वक्त दिया गया है, यदि इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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11 से 13 तक वितरण
विभाग विक्रेताओं को मुफ्त में मशीन का वितरण कर रहा है, इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है। विक्रेताओं को महज लाइसेंस की छाया प्रति, आधार कार्ड की छाया प्रति, थ्रीजी डाटा सिम चालू और अपडेट उर्वरक रजिस्टर लेकर उपनिदेशक कृषि कार्यालय से मशीनें लेनी है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि 11 जुलाई को एटा, 12 को अलीगंज और 13 जुलाई को जलेसर में मशीन वितरण होगा। इसके बाद मशीन नहीं लेने वाले विक्रेता बख्शे नहीं जाएंगे।