अपर जिला सत्र न्यायाधीश रेप एवं पॉक्सो एक्ट के न्यायालय ने दुष्कर्म के तीन दोषियों को 20-20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों दोषियों पर 3.30 लाख का जुर्माना भी लगाया है।
सहावर क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग किशोरी (17) की शादी परिजनों ने गांव के ही निवासी तौहीद से 26 जून 2015 को तय कर दी। बालिग होने पर शादी होना तय हुआ। 25 अप्रैल 2016 को किशोरी गांव में ही एक शादी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गई। जहां तौहीद ने उसे एक मोबाइल दे दिया। इसके बाद उसने रात के समय फोन करके उसे घर के बाहर बुलाया। जब वह घर के बाहर आई तो तौहीद के साथ गांव के ही शकील व सगीर भी मौजूद थे।
उसे घर से कुछ ही दूर मक्का के खेत में ले गए। जहां उसके साथ तमंचे के बल पर तीनों ने दुष्कर्म किया। चीख पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, और किशोरी की हालत देखकर दंग रह गए। पूछताछ करने पर जब दुष्कर्म का मामला सामने आया तो वे दंग रह गए। परिजनों ने सहावर थाने पहुंचकर पुलिस को मामले की जानकारी दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद कोर्ट में वाद दायर किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट ने तीनों दोषियों पर धारा 376 डी के तहत 20-20 साल की सश्रम सजा एवं 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। धारा 506 के तहत 3-3 साल की सजा व 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि में से आधी धनराशि 1.65 लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए।