आगरा के छलेसर स्थित तीन गोदाम में रविवार दोपहर तीन बजे लगी आग सोमवार सुबह नौ बजे बुझ पाई। 18 घंटे में लगभग 20 करोड़ का सामान कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया।
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16 दमकल की गाड़ियां रातभर आग बुझाने में लगी रहीं। तीनों गोदाम ढह गए। फर्नीचर राख बन गया। अब सिर्फ मलबा बचा है। आग इतनी भयंकर थी कि सोमवार सुबह बारिश में भी लपटें निकल रही थीं।
बेस्ट प्राइज के पास जिन गोदाम में आग लगी, उनमें से एक पतंजलि का है। पतंजिल का गोदाम आगरा के नेहरू नगर निवासी सुनील अग्रवाल का है। सुनील भाजपा के राज्यसभा सांसद अनिल जैन के छोटे भाई हैं।
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बारिश में भी निकलती रही लपटें
दो गोदाम खंदारी निवासी निमेश अग्रवाल के हैं। ये पारले एग्रो प्राइवेट लिमिटेड एवं ड्यूलेक्स पेंट एनई लॉजिस्टिक पार्क के गोदाम हैं। इनमें लगी आग बुझाने के लिए 16 दमकलें लगाई गईं। इनमें दो वायुसेना की रहीं।
इसके बावजूद आग बुझाने में इतनी देर लगी। इससे समझा जा सकता है कि लपटें कितनी विकराल थीं? कारण यह रहा कि पतंजलि के गोदाम में तेल और घी थे तो पास वाले गोदाम में पेंट। इनसे आग तेजी से फैली और बुझने में मुश्किल आई।
सोमवार सुबह छह बजे झमाझम बारिश हुई। सभी को लगा कि अब आग बुझने में समय नहीं लगेगा। पानी ऊपर से गिर रहा था, लेकिन आग जलती रही। नौ बजे तक लपटें नजर आती रहीं। फायर ब्रिगेड लगी रही। तब जाकर नौ बजे आग बुझी।
गोदामों में कुछ नहीं बचा
पतंजलि के गोदाम में तेल, चावल, घी, शहद, पेस्ट थे। अब कुछ नहीं बचा। घी के टिन हैं, लेकिन इनमें घी नहीं। वहीं आयल पेंट व बिस्किट के गोदाम में फ्रूटी, कोल्ड ड्रिंक्स रखी थीं। अब कुछ बचा नहीं।
टिनशेड का बना गोदाम पूरी तरह जलकर जमींदोज हो चुका था। वहीं कर्मचारियों ने बताया कि शुरुआत में गोदाम में से धुआं निकलने पर अन्य गोदामों के कर्मचारी व मालिक मौके पर पहुंच गए थे।
गोदाम के केबिन का शीशा तोड़कर देखा तो फ्रीज और बराबर में रखे सामान से लपटें निकल रही थीं। इसे छोटे-छोटे सिलेंडरों से बुझाने का प्रयास भी किया था, लेकिन आग बराबर में रखे देसी घी के टिनों तक पहुंचने से विकराल हो गई।
उपजिलाधिकारी अभिषेक कुमार के अनुसार गोदाम परिसर के मालिक डॉ उदय अग्रवाल ने बताया कि आयल पेंट के गोदाम में लगभग 1.10 करोड़ रुपये, बिस्किट के गोदाम में लगभग 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
वहीं गोदाम जलकर राख होने में लगभग 80 लाख रुपये की क्षति हुई है। वहीं पतंजलि गोदाम के मालिक सुनील अग्रवाल ने नुकसान के बारे में पूछे जाने पर सर्वेयर व सीए द्वारा आंकलन किए जाने के बाद ही जानकारी हो पाने की बात कही है।