नीले गगन के तले, भोले के भक्त चले...
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सहावर/सोरों। महाशिवरात्रि पर्व पर गंगाघाट से लापता हुए दो कांवड़ियों के शव गंगानदी में मिले हैं। पुलिस ने गोताखोरों के सहयोग से शव बरामद करते हुए पोस्टमार्टम कराया है।
चार मार्च को महाशिवरात्रि पर्व था। गंगाघाट पर 3 मार्च को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस सैलाब में शिवभक्त सहावर के गोला नगर निवासी निखिल उर्फ भोले (18) पुत्र महेश चंद्र एवं एटा के मोहल्ला रेवाड़ी निवासी मुकेश उर्फ कल्लू (18) पुत्र संतोष कश्यप भी शामिल थे, लेकिन यह श्रद्धालु कांवड़ लेकर घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस इन लापता श्रद्धालुओं की तलाश में जुट गई। बुधवार को पुलिस ने निजी गोताखोरों से कांवड़ियों की तलाश कराई। मंगलवार को भी लापता कांवड़ियों की तलाश की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बुधवार को लापता कांवड़ियों के शव लहरा घाट पर गंगानदी में मिले। शव मिलने की सूचना पुलिस ने परिजनों को भेजी। घाट पर पहुंचे परिजनों ने शवों की शिनाख्त की। है। घाट पर लहरा गांव के लोग भी काफी संख्या में एकत्रित हो गए।
काश नजर रखते भोले
कासगंज। मृतक निखिल उर्फ भोले के परिजनों का बुरा हाल था। परिजन कह रहे थे कि शिवभक्ति के जोश में उत्साहित भोले काश नजर रखते तो शायद गंगा में न डूबते। वहीं लोगों में चर्चा थी कि भगवान भोले भी निखिल पर कृपा बरसा देते तो उसकी जान बच जाती।
- लापता दोनों कांवडिय़ों के शव लहरा गंगानदी से बरामद कर लिए हैं। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करा दिया है। 3 मार्च को लगभग शाम 4 बजे यह कांवड़िये लापता हो गए थे। रिपुदमन सिंह, कोतवाली प्रभारी, सोरों।