फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मथुरा में स्कूलों के बाहर लिखीं जा रही हैं कॉपियां

विज्ञापन
डैमो
विज्ञापन
मथुरा। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में नकल कराने का ठेका पचास स्कूलों ने लिया था। 150 से ज्यादा सॉल्वर तय किए गए थे। पच्चीस हजार रुपये लेकर 70 फीसदी अंकों की गारंटी भी ली जा रही थी। लेकिन शासन और प्रशासन की सख्ती के कारण जब उस तरह से नकल नहीं हो रही तो पैसा देने वाले छात्र और उनके परिवार वालों ने शिकायतें करना शुरू कर दिया है। एसटीएफ के पास ही हर रोज मामले पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


जिले में 128 परीक्षा केंद्रों पर यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं कराई जा रही हैं। यूं तो नकल पर नकेल के लिए पूरी मशीनरी लगी हुई है लेकिन फिर भी मथुरा में केंद्र के बाहर कॉपियां लिखी जा रही हैं। अभी तक गोवर्धन के मुडसेरस में हरिया इंटर कालेज, गोकुल के मधुसूदन इंटर कालेज और मांट के गांव मनी का बांस में सावित्री देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बाहर लिखी गईं कापियां पकड़ी जा चुकी हैं।

खास बात यह है कि गोकुल और मांट क्षेत्र के इन दोनों स्कूलों में केंद्र व्यवस्थापक और प्रबंधक नकल कराने वाले नेटवर्क से मिले हुए थे। एसटीएफ ने गोकुल के जिस कालेज पर कार्रवाई की थी वहां बड़ा नेटवर्क सामने आया था। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक की जांच में पता चला है कि मथुरा के पचास स्कूलों ने नकल कराने का ठेका लिया था।
विज्ञापन


एक छात्र से पच्चीस से तीस हजार रुपये तक लिए गए थे। नकल के लिए अपने हिसाब से कक्ष निरीक्षकों की भी ड्यूटी लगवा ली गई थी। यूपी बोर्ड परीक्षाओं के पर्यवेक्षक डा. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि जहां भी शिकायतें मिल रहीं हैं तत्काल टीमों को भेजा जा रहा है। कई सेंटरों की गोपनीय जांच भी कराई जा रही है। अगर किसी को नकल की सूचना मिली है तो वह जानकारी दे सकते हैं।

आखिर मजिस्ट्रेटों को क्यों नहीं नजर आ रही नकल
मथुरा। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में 1500 मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। लेकिन खास बात यह है कि अभी तक किसी भी मजिस्ट्रेट ने नकल की रिपोर्ट प्रशासन को नहीं दी है। किसी मजिस्ट्रेट ने कोई नकलची भी नहीं पकड़ा है। अगर मजिस्ट्रेट द्वारा रोज दी जाने वाली रिपोर्ट पर गौर करेंगे तो कहीं भी नकल नहीं हो रही है। लेकिन एसटीएफ हर रोज नकल के काले कारोबार का खुलासा कर रही है। केंद्रों के बाहर लिखी जाने वाली कापियां पकड़ी जा रही हैं। इससे मजिस्ट्रेटों की सक्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र का कहना है कि वह लगातार निगरानी कर रहे हैं। जो लोग चेकिंग करने के लिए नहीं जाएंगे उनके खिलाफ रिपोर्ट भी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें