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रसोई गैस के दाम हों कम, स्कूल की बढ़ती फीस पर लगे अंकुश

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फिरोजाबाद। चुनावी साल में हर वर्ग के लोगों को आम बजट में राहत की उम्मीद है। महिलाएं भी चाहती हैं कि किचिन का खर्चा न बढ़े। मिर्च, मसालों से लेकर स्कूल की फीस तक का खर्चा कम हो। रसोई गैस के रेट कम करने की उम्मीद महिलाएं लगाए हुए हैं।

महिलाओं का कहना है कि वित्तमंत्री बजट में ऐसा प्रावधान करें जिससे स्कूल की बढ़ती फीस पर अंकुश लग सके।
- घरेलू गैस के लगातार बढ़ते दाम से कोई अछूता नहीं हैं। कई लोगों के अकाउंट में सब्सिडी नहीं आ रही है।

एक बड़ा तबका रसोई गैस की महंगाई से प्रभावित है। जिसे बजट में शामिल करना सरकार की प्राथमिकता में होनी चाहिए।
डा. श्वेता गोयल, गृहणी
- सरकार को किचिन के साथ ही शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। बच्चों की फीस हर साल बढ़ जाती हैं। स्कूल वाहन की फीस भी हर साल बढ़ाई जाती है। पढ़ाई सामग्री भी महंगी हो रही है। सरकार को इन सभी चीजों को ध्यान में रखकर बजट पेश करना चाहिए।
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सुरेखा गुप्ता, गृहणी
- पहले सहालग के समय किसी चीज के दाम बढ़ते थे। अब तो सामान्य दिनों में भी वही स्थिति होती है। आटे से लेकर मिर्च मसाले काफी महंगे हैं। बजट में खाद्य पदार्थों के दामों को कम करें। सिलिंडर काफी महंगा लगता है। इसे कम करना चाहिए।
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काजल वार्ष्णेय, गृहणी
- सबसे अधिक महंगाई की मार डेली नीड्स के सामान पर है। जिससे घर का बजट बिगड़ जाता है। सबके हित का बजट होना चाहिए। जैसे दालें, घी के दाम पर कंट्रोल होना चाहिए। महंगाई पर अंकुश न लगे ऐसे बजट का कोई मतलब नहीं है।
नूतन दीक्षित, गृहणी
- बजट ऐसा हो कि किचिन पर महंगाई की मार न पड़े। घरेलू उपयोग के सामानों पर टैक्स कम होना चाहिए। शिक्षा, मनोरंजन जैसी सुविधाओं में भी राहत मिलनी चाहिए।
दिव्या पालीवाल, गृहणी
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