कासगंज। सिक्सलेन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। एनएचएआई की टीम ने जिले में डेरा डाल दिया है। प्रहलादपुर- देवरी क्षेत्र में टीम ने निशानदेही की है। अधिग्रहण के लिए चिह्नीकरण किया जा रहा है। हालांकि ग्रामीण अभी भी एनएचआई की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। हालांकि जिला प्रशासन ने भी समस्या निस्तारण के लिए पहल की है।
मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए जिले के 18 गांव की भूमि का अधिग्रहण होना है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण ने नक्शा तैयार कर लिया है। नक्शे के आधार पर राजस्व विभाग ने भूमि अधिग्रहण के लिए खसरा और खतौनी भी उपलब्ध करा दिए लेकिन अब गोरहा, तकुआवर, प्रहलादपुर, देवरी सहित तमाम गांव के ग्रामीण अधिग्रहण के विरोध में उतर आए है।
आरोप है कि मनमाने ढंग से अधिग्रहण प्रक्रिया की जा रही है। नियम के अनुसार नक्शा तैयार नहीं किया गया है। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की। प्रशासन सामंजस्य बैठक बुलाने की तैयारी में है। इधर, एनएचएआई की टीम भूमि अधिग्रहण के लिए निशानदेही करने जिले में पहुंच गई है। टीम ने कई गांव में नक्शे के आधार पर अधिग्रहण के लिए निशानदेही कर दी है। विरोध कर रहे ग्रामीणों को समझा बुझाकर उन्हें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अभी भी विरोध के रास्ते पर हैं।
ग्रामीणों ने बुलाई बैठक
कासगंज। भूमि अधिग्रहण के विरोध में प्रहलादपुर देवरी के ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से बैठक की। ग्रामीणों ने बैठक में निर्णय लिया कि मनमाने ढंग से भूमि अधिग्रहण किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीण सुरेश चंद्र ने कहा कि पहले फोरलेन के लिए प्रहलादपुर के ग्रामीणों के मकान टूट रहे थे और अब पूरी तरह बर्बादी हो जाएगी। इसलिए किसी भी हाल में प्रहलादपुर से सिक्सलेन नहीं निकलने दिया जाएगा। बैठक में राजपाल, गंगा सहाय, ज्ञान प्रकाश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।