दन्नाहार (मैनपुरी)। पिता अपने पुत्र की अर्थी को कंधा भी नहीं दे सका। कानपुर निवासी एक बिजली मिस्त्री की मौत के बाद शव तीन दिनों तक बिना पहचान के मोर्चरी में रखा रहा। ठेकेदार ने परिजनों को सूचना तक नहीं दी। परिजनों का कहना था कि अगर ठेकेदार सूचना दे देता तो कम से कम वो पुत्र के अंतिम दर्शन तो कर लेते।
थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के पास 27 अक्तूबर को पुलिस को एक 20 वर्षीय युवक का शव मिला था। काफी पहचान के प्रयास किए, लेकिन पहचान नहीं हो सकी थी। तीन दिनों तक शव मोर्चरी में रखा रहा। 72 घंटा पूरा होने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया था। दो दिन पूर्व कानपुर के गांव बकशपुर कैलई थाना शिवली निवासी रामबाबू थाना दन्नाहार पहुंचे। वहां जब एक पुलिसकर्मी ने उन्हें अज्ञात मिले शव का फोटो दिखाया तो वह रोने लगे।
बताया कि मृतक उनका 20 वर्षीय पुत्र शशिकांत है, जो कि दन्नाहार क्षेत्र में सैनिक स्कूल के निर्माण कार्य में बिजली फिटिंग का काम करने आया था। कानपुर का ही ठेकेदार राजू उसे साथ लेकर आया था। राजू ने उन्हें पुत्र के लापता होने की जानकारी दी थी। लगातार उन्हें गुमराह करता रहा, वह चाहता तो शव की शिनाख्त कर सकता था, लेकिन उसने न तो शिनाख्त की, न ही परिजनों को ही सूचना दी। रोतेे बिलखते पिता का कहना था कि अगर ठेकेदार चाहता तो वो पुत्र के अंतिम दर्शन तो कर सकते थे। परिजन ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कहते हुए वहां से चले गए।