नौहझील (मथुरा)। एससी-एसटी एक्ट की खिलाफत में व्यापक आंदोलन की शुरूआत बुधवार को नौहझील क्षेत्र से हो गई। विभिन्न संगठनों की महापंचायत ने एक्ट के खिलाफ हुंकार भरते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। महापंचायत में जुटे संगठनों ने एक स्वर में ऐलान किया कि यह फैसला मोदी सरकार को भारी पडे़गा।
बुधवार को मोरकी इंटर कालेज बाजना में सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर बुलाई महापंचायत में केंद्र सरकार के एससी-एसटी एक्ट के फैसले को लेकर वक्ताओं ने आग उगली। महापंचायत में एकत्रित जनसमुदाय के समक्ष सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामबाबू सिंह कटैलिया ने कहा कि मोदी सरकार ने वोट की खातिर घुटने टेकते हुए काला कानून बना दिया है। ऐसा कानून तो अंग्रेजी शासन में भी जनता पर नहीं थोपा गया था। पेट्रोल-डीजल पर बढ़ती महंगाई तथा कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने में भी योगी सरकार फेल साबित हो रही है।
पूर्व मंत्री चौधरी सरदार सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले को दरकिनार करते हुए एससी-एसटी एक्ट का समर्थन किया है। देश की जनता इस सरकार को अब स्वीकार नहीं करेगी। पूर्व विधायक ठाकुर कुशलपाल सिंह ने कहा बढ़ती कीमतें इस सरकार की नाकामी को दर्शा रही हैं।
महामंत्री गिर्राज प्रसाद वशिष्ठ, रामवीर सिंह, नवनिर्माण सेना के अमित जानी, क्षत्रिय राजपूत महासभा युवा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, मंगल सिंह, मुरारी बापू, अमर सिंह प्रधान, सुधीर प्रधान, रामवीर प्रमुख, सत्यवीर सिंह, विजेंद्र प्रधान, सुभाष नौहवार, रोशन सिंह आदि ने महापंचायत में एक स्वर में फैसला किया कि अब एक्ट खत्म न होने तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकार को गलत फैसले का अहसास कराया जाएगा। अध्यक्षता पूरन सिंह और संचालन ललित प्रमुख ने किया।
पुलिस से किसान नेता की तड़का भड़की
महापंचायत कोे अनिश्चितकालीन धरने में परिवर्तित किए जाने संबंधी फैसले के बाद नौहझील थाना प्रभारी और किसान नेता रामबाबू कटैलिया में तड़का भड़की हो गई। थाना प्रभारी ने कहा कि एक दिन की अनुमति ली थी, अनिश्चितकालीन धरने की अनुमति नहीं है। मौके पर पहुंचे एसडीएम मांट और सीओ ने मामला शांत कराया।