जैन मेला महोत्सव में वीर मंडल नहीं करेगा ध्वजारोहण
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एटा। नगर के जैन समाज में वार्षिक मेला महोत्सव के दौरान 98 साल बाद परंपरा टूटने की ओर है। जैन समाज की वर्ष 1920 में स्थापित सबसे पुरानी संस्था ने जैन मेला महोत्सव का बहिष्कार कर दिया है। शनिवार रात को जानकी दास चैत्यालय में हुई वीर मंडल की बैठक में लोगों ने प्रस्ताव पास किए। वहीं जैन समाज की अन्य संस्थाओं ने भी नई पंचायत कार्यकारिणी के सहयोग से इनकार कर दिया है।
दरअसल, जैन समाज में नई पंचायत कार्यकारिणी के गठन को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। समाज की सबसे पुरानी संस्था वीर मंडल ने समाज के अध्यक्ष सुरेश चंद्र जैन और पंचायत कार्यकारिणी को लेकर बैठक की। बैठक में गुलाब चंद्र जैन ने कहा कि पंचायत अध्यक्ष से वार्ता की गई थी, लेकिन वे हठधर्मिता अपनाते हुए पद को छोड़ना नहीं चाहते। जबकि समाज के लोग खुले तरीके से चुनाव चाहते हैं। पंचायत कार्यकारिणी ने समाज को विघटित कर दिया है। सुभाष चंद्र जैन ने कहा कि नगर में हर साल घंटाघर पर होने वाले वार्षिक मेले और महावीर जयंती के मेले में वर्ष 1920 से वीर मंडल ध्वजारोहण, उद्घाटन और सुरक्षा की कमान संभालता रहा है, लेकिन इस बार वीर मंडल मेले में प्रतिभाग नहीं करेगा। 98 साल की परंपरा के टूटने से समाज में रोष है। बैठक मेें समाज के लोगों ने पंचायत कार्यकारिणी के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इस मौके पर प्रस्ताव पास हुआ कि कोई भी संस्था न तो पंचायत को दान देगी और न ही कार्यक्रमों में भाग लेगी। इस मौके पर संजय जैन, सुरेंद्र जैन, शैलेंद्र जैन, विमल जैन, सर्वेश जैन, अनिल जैन, रवींद्र जैन, निर्मल जैन, राजीव जैन, रिंकू जैन, दीपू जैन, शशांक जैन, सतेंद्र जैन, विक्रांत जैन, सुधीर जैन समेत तमाम लोग मौजूद रहे।