फिरोजाबाद। चार दिनों से चल रही ट्रांसपोर्ट की हड़ताल ने सुहागनगरी के चूड़ी और कांच के आइटमों के व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। सावन के त्योहार के लिए तैयार 50 आर्डर का माल हड़ताल के कारण बाहर नहीं जा पा रहा। व्यापारी सुबह-शाम माल भेजने को दबाव बना रहे हैं। चूड़ी के साथ-साथ कांच के आइटम भी हड़ताल में अटके हैं।
सावन के महीने में बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों में चूड़ियों की बेहद मांग है। सावन के त्योहार के लिए बाहर के व्यापारियों ने जून माह में आर्डर बुक करा दिए थे। जुलाई में चूड़ी कारोबारियों को आर्डर का तैयार माल भेजना था। ट्रांसपोर्ट की हड़ताल से पहले कई बार करीब 40 प्रतिशत आर्डर का माल भेज चुके थे। 20 जुलाई से देश व्यापी हड़ताल के कारण 50 प्रतिशत से अधिक आर्डर का माल अटक गया है। चूड़ी कारोबारी आर्डर का तैयार माल बाहर भेजने के लिए ट्रांसपोर्ट पर भेज रहे हैं लेकिन ट्रांसपोर्ट पर भी जगह न होने के कारण माल वापस लौटकर आ रहा है। इससे चूड़ी कारोबारी काफी परेशान हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि जल्द हड़ताल न खुली तो लाखों का नुकसान झेलना पड़ेगा।
चूड़ी के साथ ग्लास ओर बोतल बनाने वाले उद्यमी भी हड़ताल के कारण परेशान हैं। चार दिनों में हड़ताल में कारखानों में बोतल व ग्लास का काफी स्टॉक हो गया है। हड़ताल के कारण माल बाहर नहीं भेज पा रहे। फिरोजाबाद में हर रोज करीब 500 ट्रक बोतल, ग्लास और चूड़ियां बाहर भेजी जाती हैं। बाहर से कांच की भंगार, सोडा और केमिकल आते हैं। हड़ताल के चलते प्रचुर मात्रा में कच्चा माल भी नहीं आ रहा। उद्यमियों का कहना है कि गुजरात व महाराष्ट्र में हड़ताल का असर कम है, इसलिए कच्चा माल आ रहा है।