फिरोजाबाद। ताजमहल पर बढ़ते प्रदूषण के संबंध में एमसी मेहता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर 26 जुलाई को सुनवाई होनी है। सोमवार को टीटीजेड अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में अपना शपथ दाखिल कर दिया।
एससी मेहता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकारों के रुख को लेकर तल्ख टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने यहां तक कहा है कि अगर सरकार ताज की देखरेख नहीं कर सकती, तो फिर ताज को नष्ट कर दे। कोर्ट की टिप्पणी से कांच उद्योगपति चिंतित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टीटीजेड अथॉरिटी को शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए थे। टीटीजेड क्षेत्र में प्रदूषण कम करने को मंडलायुक्त के निर्देश पर प्रदूषणकारी उद्योग बंद कराने को अभियान चलाया गया। प्रशासनिक अफसरों ने मक्खनपुर, फिरोजाबाद से टूंडला तक छापमारी की। इसमें होटल ढाबों पर भट्ठियां बंद कराई गईं।
सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करने के लिए टीटीजेड अथॉरिटी ने कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की गई, जिसे तैयार करने में उद्योग विभाग व प्रदूषण बोर्ड के अफसरों के पसीने छूट गए। सोमवार को टीटीजेड अथॉरिटी व उद्योग विभाग के अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया। इस मामले में 26 जुलाई को सुनवाई होनी है।