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छात्रा को उपचार के लिए भेजा गया एम्स

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मरीज - फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। किड्स कार्नर स्कूल में शिक्षिका द्वारा कक्षा दो की छात्रा की पिटाई लगाने का मामला गुरुवार को बढ़ गया। छात्रा की मां न्याय मांगने के लिए डीएम आफिस पहुंच गई और आक्रोशित होकर हंगामा भी किया। डीएम एवं नगर मजिस्ट्रेट ने हस्तक्षेप कर छात्रा को इलाज के लिए दिल्ली एम्स रैफर कराया। वहीं, स्कूल प्रबंधक से आर्थिक मदद भी दिलाई।
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सुहागनगर निवासी एंजिल गुप्ता(8) छह माह पूर्व किड्स कार्नर स्कूल में कक्षा दो में पढ़ती थी। छात्रा की मां शिल्पी गुप्ता का आरोप था कि विद्यालय में शिक्षिका ने छात्रा की पिटाई कर दी थी। इससे छात्रा मानसिक तनाव में आ गई थी।

स्कूल संचालक ने सूचना देने के बजाय छात्रा को बैन से घर के गेट के बाहर बेहोशी की हालत में छुड़वा दिया था। फिरोजाबाद एवं आगरा में अस्पतालों में इलाज कराया, मगर छात्रा की हालत में सुधार नहीं आया था। अभिभावकों ने बीते नवंबर माह में विद्यालय में हंगामा भी किया था। जिला प्रशासन से शिकायत भी की थी।
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गुरुवार को छात्रा की मां अपने परिवारिजनों के साथ डीएम नेहा शर्मा से मिलने पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के लिए स्कूल प्रशासक मयंक भटनागर एवं शिक्षिका को बुला जिला मुख्यालय बुला दिया था। इसी दौरान छात्रा की मां ने मुख्यालय पर हंगामा काटा। डीएम नेहा शर्मा ने छात्रा के इलाज के लिए दिल्ली के एम्स हास्पीटल में रैफर करा दिया। 108 एंबुलेंस के माध्यम से मासूम को दिल्ली भिजवाया। वहीं, स्कूल प्रबंधक से छात्रा की मां को आर्थिक मदद के रूप में एक लाख रुपये की धनराशि दिलवाई।

क्या कहते हैं स्कूल प्रशासक
बच्ची की मां जो आरोप लगा रही है वो बिल्कुल झूठ है। अधिकारी जांच कर चुके है। छात्रा की मां ने स्कूल में आकर स्टाफ के साथ मारपीट की थी। शिक्षिका एवं अभिभावक एक ही मुहल्ले में रहते हैं और उसी का विवाद है। डीएम के कहने पर हमने छात्रा के परिवारिजनों को एक लाख रुपये की धनराशि सौंपी है।
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मयंक भटनागर, प्रशासक
किड्स कार्नर स्कूल
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