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आरक्षण के विरोध में मथुरा में बंद

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protest - फोटो : demo pic
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मथुरा। आरक्षण के विरोध में मंगलवार को शहर का बाजार पूरी तरह से बंद रहा। शहर भर में जुलूस निकाले गए। हालांकि साप्ताहिक बंदी थी, लेकिन शहर में लगने वाला मंगल का बड़ा बाजार भी नहीं लगा। चाय-पान के खोखे तक नहीं खुले। गोवर्धन चौराहे पर करीब 10 मिनट के लिए हाईवे भी बंद कर दिया गया। कई जगह पुलिस वालों के साथ प्रदर्शनकारियों की नोकझोंक भी हुई। वहीं होलीगेट पर धरना दिया गया। धरना स्थल पर बैठे लोगों ने आरक्षण को समाप्त करने की मांग की।
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आरक्षण के विरोध में बंद का एलान सोशल मीडिया पर कई रोज से चल रहा था। 10 अप्रैल के बंद के लिए लोगों से अपील की जा रही थी। हालांकि मंगलवार को साप्ताहिक बंदी रहती है, लेकिन फिर भी बाजार में तमाम दुकानें खुलती हैं। इस मंगलवार को पूरी तरह से बंदी रही। शहर को बंद कराने के लिए अलग-अलग जत्थे निकले। सबसे पहले कृष्णानगर में आरक्षण विरोधी लोग जुटे। यहां से बाजार बंद कराते हुए सभी गोवर्धन चौराहे पर पहुंचे। यहां नारेबाजी करते हुए हाईवे जाम कर दिया।

दस मिनट तक वाहनों को रोककर आरक्षण के विरोध में नारे लगाए। राजपूत सभा के जिला अध्यक्ष मुकेश सिंह सिकरवार ने कहा अब राजपूत समाज आरक्षण के धोखे को बर्दाश्त नहीं करेगा। इस अवसर पर महामंत्री ओमवीर सिंह, दिवाकर सिंह, रतन सिंह, डा. विजेंद्र सिंह, रनवीर सिंह, संजय सिंह तरकर, लीलाधर कुशवाह, कमल सिंह, विजय सिंह राजपूत, अनूप सिंह, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।
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क्षत्रिय राजपूत महासभा ने होलीगेट पर धरना प्रदर्शन किया। आसपास की सभी दुकानों को भी बंद करा दिया गया। आरक्षण के विरोध में नारेबाजी की गई। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक भी हुई। एक महिला कार्यकर्ता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, लेकिन हंगामे के बीच उसे छोड़ दिया गया। प्रदर्शन के दौरान ब्रज मंडल अध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि आरक्षण ने जातियों को आपस में बांट दिया है।

ज्यादा अंक वाले काबिल बच्चे रह जाते हैं कम अंक वाले छात्र अफसर बन जाते हैं। जातीय आधार पर जो आरक्षण है उसे समाप्त किया जाना चाहिए। धरने पर ताराचंद गोस्वामी, अटल सिंह सिसौदिया, वीरेंद्र सिंह, करन ठाकुर, भूरी सिंह जाट, राजेश शर्मा, केजी सक्सेना समेत तमाम लोग मौजूद रहे। महोली रोड पर ब्राह्मण महासभा ने बाजार बंद करा दिया। यहां तमाम लोगों ने खुद ही अपनी दुकानों को बंद कर लिया था।

चाय-पान और कचौड़ी को तरस गए लोग
मथुरा। आरक्षण के विरोध में बंद इतना प्रभावी रहा कि जलेबी, कचौड़ी, चाय और पान की दुकानें भी नहीं खुली। ऐसे में जायके के शौकीन लोग इधर से उधर भटकते रहे। लोगों का कहना था कि आमतौर पर बंद में पान के खोखे खुले रहते हैं, लेकिन आज तक खोखे भी नहीं खुले।

जाम में फंसी एंबुलेंस को लोगों ने निकाला
मथुरा। कृष्णानगर में प्रदर्शनकारी जुलूस निकाल रहे थे तो रास्ते में जाम लग गया। इसी दौरान एक गर्भवती महिला को लेकर एंबुलेंस आ गई जाम में फंसी इस एंबुलेंस को बमुश्किल लोगों ने निकाला।
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