मथुरा। राजकीय संग्रहालय में आने वाले पर्यटकों के लिए बना टॉयलेट तकनीकी जांच में फंस गया है। निर्माण एजेंसी के कार्यों की गुणवत्ता के लिए लखनऊ स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञ इसकी जांच कर रहे हैं। वहीं, एक साल से पर्यटक मूलभूत सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं।
राजकीय संग्रहालय में पांच हजार से अधिक बेशकीमती मूर्तियों का संग्रह है। इनमें से कई मूर्तियां दुर्लभ हैं। इन मूर्तियों को देखने के लिए विदेशों से भी कई पर्यटक आते हैं इसके अलावा आए दिन स्कूली बच्चे भी इन मूर्तियों का इतिहास जानने के लिए आते हैं। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं और छात्राओं की रहती है।
संग्रहालय में 67 लाख की लागत से निर्माण कार्य हुए, इसमें गैलरी की छत की मरम्मत, आरओ प्लांट, महिलाओं और पुरुषों के लिए टॉयलेट तैयार किए गए है। इन टॉयलेट को बने एक साल से अधिक समय हो गया लेकिन इसका लाभ अभी तक यहां आने वाले पर्यटकों को नहीं मिल सका है। संग्रहालय के उपनिदेशक डा.एसपी सिंह ने बताया एजेंसी ने जो कार्य किए उनकी गुणवत्ता को लेकर जांच लखनऊ स्तर पर चल रही है। इससे इन कार्यों का अभी हस्तांतरण नहीं किया गया है।