मैनपुरी। जिला महिला अस्पताल में कभी भी दवाइयों का संकट खड़ा हो सकता है। सीएमएस लगातार आपूर्ति के लिए मांग पत्र भेज रहे हैं, लेकिन विभाग दवाइयों की आपूर्ति नहीं करा पा रहा है।
जिले में महिलाओं को नि:शुल्क उपचार के लिए मात्र जिला महिला अस्पताल का ही सहारा है। यहां पर ही स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती है। जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इन महिला मरीजों को उपचार के लिए दवाइयां पर्याप्त नहीं है। कुछ आवश्यक दवाइयों के लिए जनपद स्तर से ही व्यवस्था की गई है, लेकिन यह व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। कभी भी जिला महिला अस्पताल में दवाइयों का संकट खड़ा हो सकता है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अस्पताल में मात्र एक महीने की ही दवाइयां बची हैं। यदि शीघ्र आपूर्ति नहीं होती है तो बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
मैनपुरी। सीएमएस डॉ. अरुण कुमार बताते हैं कि तीन महीने से जिला अस्पताल में दवाइयों की दिक्कत है। 29 दिसंबर 2017 को एक दर्जन से अधिक आवश्यक दवाइयों के लिए मांग पत्र भेजा गया था। लेकिन उसकी आपूर्ति नहीं हुई। इसके बाद जनवरी और फरवरी में रिमाइंडर भेजा गया। लेकिन विभाग द्वारा इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मैनपुरी। जिला अस्पताल में ओमेप्राजोल, एमॉक्सीसिलिन, सेपटॉक्सिन, ऐस्प सुप्रीम, सिप्लेक्सिन, मेजेस्ट्रोल, सिप्रोफ्लॉक्सिन, आयरन गोली, पैरासिटामोल, सोडियम हाइड्रोजन आदि दवाइयों की कमी चल रही है। इन दवाइयों के लिए विभाग को दो बार पत्र लिखे जा चुके हैं। अभी तक आपूर्ति नहीं की गई है। ये दवाइयां कभी भी खत्म होने की संभावना बढ़ गई है।