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सात साल में भी आढ़ तया को नहीं मल सका लाइसेंस

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एक्सप्लोसिव मैगजीन लाइसेंस के बिना ठेकेदारों को बारूद का डेटोनेटर और जलाटिन जारी नहीं किया जाएगा।
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एटा। जनता की परेशानियों को एक माह में दूर करने के लिए सरकार जन सुनवाई पोर्टल बनाकर मामलों को निपटाने का दावा कर रही है, लेकिन जिले में लोगों की परेशानियों को दूर नहीं किया जा सका है। एक व्यापारी लाइसेंस बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे लाइसेंस नहीं मिल सका है। आलम यह है कि व्यापारी लाइसेंस के लिए अब तक अधिकारियों को 31 प्रार्थना पत्र लिख चुका है, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला है।
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भगीपुर निवासी रामचंद्र वर्मा ने वर्ष 2011 में अपने पुत्र को व्यापार कराने के लिए न्यू जय मां गायत्री ट्रेडिंग कंपनी के नाम से लाइसेंस बनवाने को आवेदन किया था। आवेदन के बाद अधिकारियों ने लाइसेंस बना भी दिया, लेकिन व्यापारी को नहीं दिया गया। व्यापारी का आरोप है कि लाइसेंस का कार्यालय ने खुद ही वर्ष 2012 में नवीनीकरण कर दिया। इसके बाद जब लाइसेंस मांगा गया, तो व्यापार कर विभाग में पंजीकरण कराने की बात कही। व्यापारी ने वहां भी पंजीकरण करा लिया। फिर भी लाइसेंस नहीं मिला।

इसके लेकर उपनिदेशक प्रशासन विपणन ने निर्देश भी दिए। मगर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। सात साल से व्यापारी लाइसेंस पाने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखकर लाइसेंस देने की गुहार लगा रहा है। व्यापारी का कहना है कि लाइसेंस नहीं मिलने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। मंडी सचिव अशोक सोलंकी ने बताया कि व्यापारी ने मंडी परिषद की दुकान पर कब्जा किया हुआ है। इसे लेकर मामला कोर्ट में लंबित है। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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