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शहर में क्राइम कंट्रोल के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे खराब

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डेमो - फोटो : डेमो
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फिरोजाबाद। क्राइम कंट्रोल के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरे शोपीस साबित हो रहे हैं। इनके लिए स्थापित किए गए कंट्रोल रूम का संचालन भी पहले जैसा नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि चौराहों की लोकेशन स्पष्ट दिखाई नहीं देती।
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कैमरों को पुलिस एवं प्रशासन कहीं भी व्यवस्थित नहीं रख सका। कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के पोल टूट गए हैं। चौराहे का हाल कैसा है यह कंट्रोल रूम में बैठकर दिखाई नहीं देता।

अपराधों को कंट्रोल करने के लिए सपा शासन में चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया था। इन कैमरों को सीधे कंट्रोल रूम से जोड़ा गया। इस व्यवस्था के संचालन को करीब एक करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की थी। जिले में 25 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों को लगाकर कंट्रोल रूम से निगरानी की व्यवस्था की गई थी।
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कई बार अधिकारियों ने चौराहों की फुटेज देखी थीं। शहर के सुभाष तिराहा, गांधीपार्क चौराहा, सिनेमा चौराहा, जाटवपुरी चौराहा एवं आसफाबाद चौराहा, रामलीला चौराहे, बंबा चौराहा पर सीसीटीवी कैमरों को खंभे लगाने के बाद स्थापित किया था।

कुछ कैमरों को टूंडला व शिकोहाबाद, सिरसागंज के प्रमुख चौराहों पर स्थापित किया था। 24 घंटे चलने वाले इन कैमरों पर हाइवे पर गुजरने वाले वाहनों की संख्या के साथ ही कौन सी गाड़ी कितने बजी निकली इसकी लोकेशन पुलिस प्रशासन के पास होती थी।

अब लाखों की लागत से शुरू की गई अपराध को रोकने के लिए हाईटेक प्रणाली पूरी तरह से फेल हो गई है। कैमरों की निगरानी का काम बंद है। रामलीला चौराहे, सिनेमा चौराहा के साथ अन्य चौराहों पर कैमरे खराब हो गए हैं।

25 स्थानों पर स्थापित किए थे 91 सीसीटीवी कैमरे

अपराध नियंत्रण के साथ जाम की समस्या के निदान को फिरोजाबाद नगर के साथ शिकोहाबाद, टूंडला क्षेत्र के प्रमुख 25 चौराहों पर 91 सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया था। इन कैमरों को लगाने के साथ कंट्रोल रूम से जोड़ने पर करीब एक करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च हुई थी। कंट्रोल रूम बनाया था। पुलिस अफसरों की माने तो कैमरे लगे होने के कारण कई घटनाओं का अनावरण हुआ था।

खुलासे में नहीं की सीसीटीवी कैमरे की चर्चा

पुलिस अफसरों की मानें तो सीसीटीवी कैमरों में रिकार्डिंग के माध्यम से घटना का कभी कोई खुलासा नहीं हुआ। न्यायालय को उक्त कैमरों की रिकार्डिंग की सीडी बनाकर देनी पड़ती। इसके कारण कभी इसका जिक्र नहीं किया।
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