एटा। हज अनुदान बंद किए जाने पर मुस्लिमों में अलग-अलग राय है। कोई हज अनुदान बंद करने के फैसले को सही ठहरा रहा है, तो किसी ने फैसले पर सवाल उठाया है। महिलाएं भी हज सब्सिडी को लेकर भी रायशुमारी कर रही हैं।
दरगाह हजरत अब्दुल गफूर शाह के सज्जादानशीं हाजी मुहम्मद इस्लाम कहते हैं कि मुस्लिम कई सालों से हज सब्सिडी को हटाने की मांग करते आ रहे हैं, बशर्ते हज कमेटी ऑफ इंडिया को ग्लोबल टेंडर की इजाजत दे। इससे किराया सस्ता होगा।
इस्लाम मोहम्मद सैफी कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने हज सब्सिडी को 2022 तक धीरे-धीरे खत्म करने का निर्देश दिया था। सरकार को ऐसी क्या जल्दी थी? सब्सिडी खत्म होने से फायदा है, लेकिन यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला है।
शाइस्ता खान कहती हैं कि सब्सिडी बंद होने से गरीब मुसलमानों पर प्रभाव पड़ेगा। हज मुस्लिमों का प्रमुख तीर्थ माना जाता है। जिसे इस्लाम में फर्ज कहा गया है। इससे थोड़ी दिक्कत बढ़ेगी।
फरजाना बेगम कहती हैं कि हज सब्सिडी बंद होने से मुसलमान को हज जाने के लिए अब खुद की एयरलाइंस का चयन करना होगा। सब्सिडी बंद होने से परेशानी तो बढ़ेगी।