एटा। जीएसटी के बाद भट्ठा कारोबारियों की कर प्रक्रिया बदल गई है। अब उन्हें क्षमता के आधार पर नहीं वरन आय के आधार पर कर देना होगा। समाधान योजना में एक और अन्य पर पांच प्रतिशत का कर निर्धारित है।
भट्ठा कारोबारियों के लिए जीएसटी वरदान बन रही है। नई कर नीति के बाद उन्हें अनावश्यक कर नहीं देना होगा। इतना ही नहीं सरकार ने समाधान योजना की दर में भी रियायत करते हुए इसे एक प्रतिशत कर दिया है।
कोयला की खरीद में लगने वाला कर क्रेडिट बनेगा। ऐसे में कोयला आदि की खरीद में लगा टैक्स समाधान योजना में क्रेडिट के रूप में समायोजित किया जाएगा।
आंकड़ों पर एक नजर
150 जिले में संचालित हैं भट्ठे
01 प्रतिशत कर देंगे समाधान में आए भट्ठा स्वामी
05 प्रतिशत कर देगे नॉन समाधान में आने वाले भट्ठा स्वामी
1.50 करोड़ कर दी गई है समाधान योजना की सीमा