जिला पंचायत राज विभाग ने शौचालय निर्माण ने शासन के धन का दुरुपयोग रोकने को कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया है। अब शौचालय निर्माण की दूसरी किश्त जारी करने से पहले विभाग निर्माण कार्य की गुणवत्ता की परख करेगा। गुणवत्ता सही पाए जाने के बाद ही दूसरी किश्त जारी होगी।
शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थी परिवार को 12 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। दो किश्तों में यह धन दिया जाता है। ग्राम पंचायत प्रधान के खाते में एक ग्राम पंचायत में बनने वाले सभी शौचालयों की एकमुश्त धनराशि भेजी जाती है। इसके बाद प्रधान इस धनराशि को चयनित लाभार्थी को धन उपलब्ध कराते हैं। पहली किश्त जारी करने के बाद जब लाभार्थी निर्माण कार्य आरंभ कर देते हैं उसके बाद दूसरी किश्त दिए जाने की व्यवस्था है, लेकिन अब इस नियम में बदलाव किया गया है। पहली किश्त मिलने के बाद लाभार्थी द्वारा जो निर्माण कराया जाएगा उसकी गुणवत्ता की पूरी जांच होगी। शौचालय निर्माण के लिए जो मानक निर्धारित किए गए हैं उनकी जांच विभाग अपने स्तर से कराएगा। पहली किश्त के रूप में जो धन उपलब्ध कराया गया है उसका सही उपयोग लाभार्थी ने किया है अथवा नहीं। इसकी पहले जांच होगी। जांच में निर्माण कार्य पास हो जाने के बाद दूसरी किश्त उपलब्ध कराई जाएगी। जिला समन्वयक अनीश अहमद ने बताया कि शौचालय निर्माण में लापरवाही की शिकायतें सामने आईं हैं। जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। जांच में संतुष्टी मिलने के बाद ही दूसरी किश्त जारी होगी। इसके लिए प्रधानों को भी निर्देश जारी किए गए हैं।