एटा। जिले में ग्राम पंचायतों की अचल परिसंपत्तियों की फीडिंग में सुस्ती बरती जा रही है। अक्तूबर तक महज 10 ग्राम पंचायतों की परिसंपत्तियां फीड हो सकी हैं। इसे लेकर शासन स्तर से नाराजगी जताई गई है।
पंचायती राज निदेशक ने डीपीआरओ को पत्र भेजकर फीडिंग कराने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानों की मनमानी के चलते फीडिंग में जिला पिछड़ रहा है।
ग्राम पंचायतों की अचल परिसंपत्तियों की आनलाइन मानिटरिंग के लिए शासन स्तर पर एम एसेट एप बनाया गया है। इसके माध्यम से ग्राम पंचायतों की अचल परिसंपत्तियों को फीड किया जाना है। शासन की ओर पिछले दिनों मिले निर्देश के बाद महज 10 ग्राम पंचायतों की अचल परिसंपत्तियों की फीडिंग हो सकी है।
बताया जाता है कि एम एसेट एप पर फीडिंग के बाद शासन स्तर से अचल परिसंपत्तियों को आनलाइन देखा जा सकेगा। पंचायती राज निदेशक विजय किरन आनंद के निर्देश के बाद विभाग ने प्रधानों को निर्देश जारी किए हैं। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि अचल परिसंपत्तियों की फीडिंग में तेजी लाई जा रही है। सभी को फीडिंग में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।