मथुरा। तीन साल पहले अपने देवर के खिलाफ बलात्कार के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में मुकर गई। महिला ने पति और सास के खिलाफ भी रिपोर्ट लिखाई थी। एफटीसी प्रथम विवेकानंद शरण त्रिपाठी की अदालत ने फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने और गलत साक्ष्य पेश तैयार करने पर महिला को जेल भेज दिया है।
मामला शहर कोतवाली के धौली प्याऊ क्षेत्र का है। इस क्षेत्र निवासी एक महिला ने अपने देवर, पति और सास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि 30 जून 2014 को उसके पति, सास और देवर ने मिलकर नशीला पदार्थ खिला दिया। वह 36 घंटे तक बेहोश रही। इस दौरान देवर ने दुराचार का प्रयास किया। वह गलत काम कराना चाहता था। इस मामले की सुनवाई सोमवार को एफटीसी प्रथम कोर्ट में हुई।
कोर्ट में पीड़िता गवाही देने से मुकर गई। इस पर कोर्ट ने देवर, सास और पति को बरी कर दिया और फर्जी प्रथम सूचना रिपोर्ट कराने और गलत साक्ष्य तैयार करने के आरोप में पीड़िता को जेल भेज दिया। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एडीजीसी प्रवीन कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला अब सीजेएम कोर्ट में चलेगा।