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पांच साल बाद लौटा दीपक तो मनी दिवाली
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पिता रामौतार ने बेटे को सीने से लगाया, छलके आंसू
बेटे को देख मां महादेवी की खुशी का नहीं रहा ठिकाना
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। पांच साल पहले घर से गायब हुए बालक दीपक उर्फ बॉबी को देख उसकी मां और अन्य परिजनों क ी आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। बालक की मां ईश्वर को धन्यवाद देने के साथ ही बाल संरक्षण संस्था के जफर आलम और अन्य सदस्यों को दुआएं देती नजर आई। इस दौरान वहां मौजूद हर शख्स मां-बेटे के मिलन को देख अपने आंसू नहीं रोक सका। पिछले पांच साल से पीड़ित परिवार के यहां दिवाली तक नहीं मनी थी।
पांच साल पहले फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन से गायब हुए बालक की पहचान थाना लाइनपार क्षेत्र के मौहल्ला आजाद नगर निवासी बॉबी उर्फ दीपक पुत्र रामौतार के रूप में हुई। बालक हमीरपुर जनपद के थाना बमनपुर क्षेत्र से गत 13 नबंवर को बरामद हुआ था। शुक्रवार को हमीरपुर स्थित चाइल्ड लाइन और बाल संरक्षण संस्था के माध्यम से बालक को फिरोजाबाद लाया गया। लगभग 14 वर्षीय बालक बॉबी उर्फ दीपक ने स्थानीय बाल संरक्षण संस्था के डा. जफर आलम के साथ शुक्रवार शाम फिरेजाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचा। जहां बालक द्वारा बताए रास्तों पर चलते हुए बाल संरक्षण संस्था के सदस्य उसके घर तक पहुंच गए। बेटे को देख परिवार में दिवाली मनी। मोहल्ले के लोगों की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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बेटे क ी तलाश में दो साल आलू बीनती रही मां
कलेजे का टुकडा गायब होते ही पति के साथ चूड़ी जुड़ाई कर जीवन यापन कर रही महादेवी की हालत पागल जैसी हो गई। जहां उम्मीद बंधी वहां गई। किसी ने बताया तो महादेवी दो साल तक कभी सिरसागंज तो कभी शिकोहाबाद क्षेत्र में आलू बीनती रही। मां को आस थी कि शायद उसका बेटा कहीं घुमता या काम करता मिल जाए। शुक्रवार को पांच पूर्व गायब बेटे को सामने खड़ा देख महादेवी ने बिलखते हुए यें बातें कहीं। बाबी कभी-कभी अपने बडे़ भाई के साथ आलू बीनने जाता था।
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दिखाई हिम्मत तो मिला मुक्ति का रास्ता
हमीरपुर में मिले दीपक की माने तो कानपुर पहुंचते ही आनंद प्रकाश नामक व्यक्ति निवासी बमनपुर उसे बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया। उसने वहां पर उसका नाम बॉबी से बदल कर दीपक रख दिया। जहां उससे दिन रात काम कराया जाता था। बदले में आनंद प्रकाश उसे अपने बच्चों के कपडे़ और दो जून की रोटी देता था। दीपक की माने तो पांच साल में उसे कभी पैसे नहीं दिए गए। लगातार उत्पीड़न और मारपीट से परेशान दीपक खुद ही थाना बमनपुर पहुंच गया। और पुलिस को आपबीती सुनाई। बालक के अनुसार उसके फिरोजाबाद आने तक आनंद प्रकाश पुलिस के पास था।
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