सोरों(एटा)। सूकरक्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित करने की पहल तीर्थ नगरी की आवाज बन चुकी है। अमर उजाला की इस पहल पर अब सामाजिक और धार्मिक संगठन भी इसे तीर्थ स्थल घोषित करने के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सूकरक्षेत्र को तीर्थ स्थल घोषित किए जाने की मांग की।
नगर अध्यक्ष सुनील तिवारी ने कहा कि आदि तीर्थ में भगवान विष्णु ने वराह रूप में अवतरित हो पृथ्वी को रसातल में ले जा रहे राक्षस हिरण्याक्ष का वध करके पृथ्वी को यहां स्थापित किया था। इस जगह को सृष्टि का प्रथम स्थल होने का सौभाग्य भी प्राप्त है। पवित्र हरिपदी गंगा में प्रतिदिन अपने पूर्वजों का अस्थि विसर्जन कर गंगा स्नान करने हजारों तीर्थयात्री यहां आते हैं।
भगीरथ यहां तपस्या कर यहीं पर पृथ्वी को धरा पर लाए थे। कई महापुरुषों की तपोस्थली व प्रवास स्थली का सौभाग्य भी इस तीर्थनगरी को प्राप्त है लेकिन राजनीतिक उपेक्षा के कारण विकास की किरण से तीर्थनगरी अछूती है। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह ने अपने मुख्यमंत्री काल में ढोलना की जनसभा में सोरों सूकरक्षेत्र को तीर्थस्थल कहा था।
उधर, लोगों ने इसे तीर्थस्थल एवं पर्यटन स्थल घोषित करने के अलावा प्राचीन मंदिरों व मठों के सुदंरीकरण कराए जाने, पर्यटक आवास गृह को सुव्यवस्थित किए जाने की मांग की। इस दौरान दयाशंाकर तिवारी, गोपाल त्रिवेदी, सोनू, अमर दुबे, सुमित दुबे, दुष्यंत दीक्षित, रामू तिवारी, गोपाल गोस्वामी, अंकित पचौरी आदि शामिल रहे।