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प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर रहेगी पैनी नजर

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doctor - फोटो : डेमो
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फिरोजाबाद। सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। सरकारी ड्यूटी करते हुए नर्सिंग होम चलाना, दूसरे के नर्सिग होम में सेवाएं देने वाले डाक्टरों की खुफिया जांच शुरू हो गई है।
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जांच के केंद्र बिंदु में सरकारी डाक्टरों के मरीजों से व्यवहार को भी जांच शामिल किया गया है। अस्पतालों की सुविधाओं के बारे में भी चर्चा होगी। शासन ने इन डाक्टरों की 16 बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट मांगी है।

16 बिंदुओं पर मांगी जानकारी

1- अस्पताल में डाक्टरों की उपलब्धता एवं उनके द्वारा निर्धारित अवधि में अस्पताल में बैठने, इमरजेंसी ड्यूटी पर उपस्थित रहने की जानकारी के साथ डाक्टर, नर्सिग और टेक्निशियन स्टाफ की उपलब्धता और उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी।
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2- अस्पताल में कार्यरत कौन-कौन से डाक्टर प्राइेवट प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। उनके स्वयं या उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर नर्सिंग होम या क्लीनिक हैं कि नहीं।

3- सामान्य तौर पर डाक्टरों की कार्यक्षमता, कार्यप्रणाली, अक्षम, खराब कार्यप्रणाली, मरीजों से ठीक प्रकार का व्यवहार नहीं करने वालों का विवरण।

4- अस्पताल में जीवनरक्षक, परीक्षण से संबंधित उपलब्धता व उनकी क्रियाशीलता।

5- पैथालाजी टेस्ट अस्पताल में हो रहे या फिर डाक्टर बाहर से कराने के अलावा बाहर किसी विशेष पैथलौजी सेंटर पर ही तो मरीज नहीं भेज रहे।

6- आइसीयू, सीसीयू समेत अन्य स्पेशलाइज यूनिट की उपलब्धता और उनकी क्रियाशीलता।

7- ब्लड बैंक की उपलब्धता, क्रियाशीलता और उनकी कार्यप्रणाली (पेशेवर) के संबंध में भी जानकारी कर ली जाए।

8- ऑपरेशन थियेटर की स्थिति और कार्यप्रणाली, चिकित्सालय परिसर और वार्डो में साफ-सफाई, भोजनालय, शौचालय में साफ-सफाई की स्थिति, मरीजों को दिए जाने वाले निशुल्क भोजन की गुणवत्ता और उपलब्धता, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और एंबुलेंस की उपलब्धता और क्रियाशीलता।

9- अस्पताल में दवा की उपलब्धता और वितरण में कोई अनियमितता तो नहीं है।

10- बिजली, पानी और आक्सीजन की आपूर्ति और अन्य इसी प्रकार की आपूर्ति और उपलब्धता की स्थिति।

11- आकस्मिक महामारी, डेंगू, स्वाइन फ्लू, इंसेफ्लाइटिस के मरीजों की भर्ती और उनके इलाज की व्यवस्था।
12- महत्वपूर्ण पदों पर आसीन जैसे अधीक्षक, डाक्टरों की सामान्य छवि एवं उपलब्धता के संबंध में टिप्पणी।

13- चिकित्सालय के निर्माण, स्टैंड, सामग्री, उपकरणों की आपूर्ति जैसे कार्य में माफिया, गुंडा, अराजक तत्वों की संलिप्तता की स्थिति के संबंध में टिप्पणी।
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14- जांच, सूचना संकलन अधिकारी का चिकित्सालय की स्थिति पर मंतव्य या टिप्पणी।

15- अस्पताल की सेवाओं के संबंध में जनता का मत।

16- यदि कोई महत्वपूर्ण सूचना हो तो इसका उल्लेख किया जाए।
क्या कहते हैं अधिकारी
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