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प्रशिक्षण में आधुनिक भाषा संसाधनों का प्रयोग जरूरी

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आगरा। केंद्रीय हिंदी संस्थान में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग की ओर से ‘भारतीय सांस्कृतिक केंद्र, कोलंबो (श्रीलंका)’ के हिंदी अध्यापकों के लिए पुनश्चर्या पाठ्यक्रम का आयोजन किया गया। यह 21 अगस्त तक चलेगा। इसमें हिंदी पढ़ाने में नई तकनीक और मल्टीमीडिया के प्रयोग पर जोर दिया गया।
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उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो. नंदकिशोर पांडेय ने की। मुख्य अतिथि रेल मंत्रालय के पूर्व निदेशक (राजभाषा) डा. विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि भाषा के प्रयोगों में संरचनात्मक व्याकरण, कारक व्याकरण आदि की विविधताओं से परिचित कराते हुए भाषा की शुद्धता पर बल देने के लिए न्यूनतम शब्द युग्मों, हिंदी की प्रयुक्तियों और वाक्य विन्यासों पर ध्यान देना चाहिए। आधुनिक भाषा संसाधनों का प्रयोग कर प्रशिक्षण से दक्षता विकसित की जानी चाहिए।

प्रो. नंद किशोर पांडेय ने कहा कि श्रीलंका में हिंदी सीखने के प्रति बड़ा उत्साह है। वहां नौकरी छोड़कर लोग हिंदी सेवा में लगे हैं। ऐसे लोगों को तकनीकी के माध्यम से प्रशिक्षित कराने का दायित्व विदेश मंत्रालय द्वारा केंद्रीय हिंदी संस्थान को दिया गया है। कार्यक्रम का संचालन डा. जोगेंद्र मीणा ने किया। विभागाध्यक्ष डा. गंगाधर वानोडे, कुलसचिव प्रो. बीना शर्मा, प्रो. रामवीर सिंह, प्रो. महेंद्र सिंह राणा, प्रो. उमापति दीक्षित, प्रो. मीरा सरीन, प्रो. परमलाल अहिरवार, प्रो. हरिशंकर, डा. ज्योत्सना रघुवंशी, अनुपम श्रीवास्तव, चंद्रकांत कोठे, डा. कृष्ण गोपाल कपूर आदि उपस्थित रहे।
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