शिकोहाबाद। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के दौरान मची भगदड़ में बुधवार को एक बालिका की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए। पुलिस ने मामले की पूरी रिपोर्ट गुरुवार को जिलाधिकारी को भेज दी है। इसमें जांच के बाद दोषी पाये जाने पर कथा आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई का हवाला दिया गया है। उधर हादसे के बाद कार्यवाही को लेकर कथा आयोजकों में बेचैनी फैली गई है।
खेड़ा मोहल्ला स्थित कन्ही महाराज की बगीची पर 11 जुलाई को श्रीमद्भागवत सप्ताह का आयोजन था। 18 जुलाई को कथा का समापन हुआ। 19 जुलाई को भंडारे का आयोजन किया गया। पुलिस ने शासन को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि कथा का आयोजन श्रीकृष्ण निवासी घोड़ाघाट मोहल्ला खेड़ा ने किया था। इसमें वीरेंद्र सिंह व उनकी पत्नी मुन्नीदेवी, राधेश्याम व उनकी पत्नी भगवानदेवी, राधेश्याम का पुत्र देवेश कुमार और राम प्रकाश पुत्र किशनलाल निवासी रहट गली शिकोहाबाद द्वारा कथा का आयोजन में सहयोग किया।
अनुमान से अधिक भीड़ प्रसाद ग्रहण करने के लिए पहुंच गई। आयोजकों द्वारा भीड़ को देखते हुए बगीची का दरवाजा बंद कर लिया और दरवाजे में लगी छोटी खिड़की को खोल दी। इससे प्रसाद लेने के लिए भीड़ में भगदड़ मच गई और दरवाजे के पास खड़े महिला, बच्चे चपेट में आ गए। इसमें एक सात वर्षीय बच्ची अंजली उर्फ संगीता की मौत हो गई, जबकि उसकी मां चंपादेवी समेत दस लोग घायल हो गए। आयोजकों ने कथा के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली थी। इस पूरे मामले में जांच के बाद दोषी आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।