मथुरा। सरकार ने जीएसटी लागू होने के बाद जिन वस्तुओं की कीमतें कम होने का दावा किया था वह लाभ अभी तक उपभोक्ताओं को नहीं मिला है। व्यापारियों का कहना है कि पुराना स्टाक समाप्त होने के बाद ही कर की दर कम होने का लाभ आम लोगों को मिलेगा।
जीएसटी में खाने-पीने का सामान, आम लोगों की जरूरतों से जुड़े सामान, आटा, मैदा, सूजी, बेसन, गेहूं, चावल, खाने के तेल, दवाओं के सस्ते होने की बात कही गई थी। जीएसटी को लागू हुए तीन दिन हो गये लेकिन अभी तक बाजार में इनकी कीमत गिरी नहीं है।
मंडी रामदास निवासी मीरा अग्रवाल ने बताया बाजार में रसोई के सामान की कीमतें पहले जैसी ही हैं। डिपार्टमेंटल स्टोर संचालक पुराना स्टॉक पुराने रेट पर ही दे रहे हैं।
धौली प्याऊ निवासी नीलम अग्रवाल कहती हैं कि सरकार के दावे धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। रसोई का राशन लेना है वह कीमत कम होने का इंतजार कर रही हैं।
चौक बाजार निवासी सतीश सैनी ने बताया कि सोमवार को उन्होंने दवा खरीदी लेकिन कारोबारी ने बिल 30 जून का दिया है। उसका कहना था कि अभी नई बिलबुक तैयार नहीं है।
बंगाली घाट निवासी रामकृष्ण चतुर्वेदी ने बताया बाजार में सरकार के सस्ते सामान की घोषणा का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। कारोबारी बिल भी नहीं दे रहे हैं।
बाइक, आईफोन की कम कीमतों को सुन पहुंचे ग्राहक
मथुरा। जीएसटी के चलते बाइक और आईफोन की कीमतें कम हो गई हैं। इस खबर पर सोमवार को इन उत्पादों के शोरूमों पर ग्राहकों की अच्छी चहल-पहल रही।
घर सस्ता नहीं जनाब महंगा हो जायेगा
मथुरा। रियल एस्टेट कारोबारी केडी अग्रवाल ने बताया सरकार जीएसटी के बाद सस्ते घर की बात कर रही है लेकिन हालात इसके उलट हैं। जीएसटी से पहले इस कारोबार पर 4.5 प्रतिशत सर्विस टैक्स था। अब 12 प्रतिशत जीएसटी है। सरकार जिस आईटीसी की बात कर रही है उसका लाभ नये प्रोजेक्ट पर मिलेगा। नए प्रोजेक्ट अगले दो-तीन साल में तैयार होंगे।
जीएसटी फ्री होने के बाद भी नहीं हो पा रहा कारोबार
फूड इंडस्ट्रीज संचालक प्रतुल अग्रवाल ने बताया हमारे प्रोडक्ट तो जीएसटी फ्री हैं फिर भी कारोबार नहीं हो पा रहा है। खरीददारों के पास जीएसटिन नंबर न होना भी मुश्किल भरा है। ऐसे में अभी फैक्ट्री सुचारू रूप से चल भी नहीं पा रही है।