एटा। समाज कल्याण विभाग एटा में लंबे समय तक तैनात बाबू रामसिंह कश्यम को विभाग निदेशक ने निलंबित कर दिया है। बाबू पर भ्रष्टाचार की कमाई से करोड़ों की संपत्ति और लग्जरी गाड़ियां जुटाने की शिकायत पर विजिलेंस ने गुप्त जांच की थी। जांच में पुष्टि होने पर विजिलेंस ने विगत वर्ष भ्रष्टाचार निवारण अधिनियाम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि विभागीय अधिकारियों की मेहरबानी के कारण कार्रवाई के नाम पर बाबू का महज एटा से मैनपुरी ट्रांसफर कर दिया गया। आरटीआई एक्टिविस्ट की शिकायत पर विभागीय निदेशक ने बाबू को निलंबित कर दिया है।
समाज कल्याण विभाग एटा में लंबे समय तक तैनात रहा बाबू रामसिंह वर्तमान में मैनपुरी जिले में तैनात है। भ्रष्टाचार कर अकूत संपत्ति जुटाने के आरोप में एक साल पहले फर्रुखाबाद में मुकदमा दर्ज होने के बाद विभागीय अधिकारियों के संरक्षण के कारण बाबू पर कार्रवाई नहीं की गई। दवाब पड़ने पर बाबू को निलंबित करने के स्थान पर विभाग ने उसका स्थानांतरण मैनपुरी कर पल्ला झाड़ लिया।
कार्रवाई नहीं होने पर आरटीआई एक्टविस्ट जैथरा निवासी सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की। मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर पुलिस उप महानिरीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन से जांच कराई गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर समाज कल्याण विभाग के निदेशक मनोज सिंह ने विगत 14 जून को समाज कल्याण विभाग मैनपुरी में तैनात बाबू राम सिंह कश्यप को निलंबित कर दिया। निदेशक ने मैनपुरी की समाज कल्याण अधिकारी को विभाग की ओर से बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं। मैनपुरी की समाज कल्याण अधिकारी ने प्रियंका द्विवेदी ने कहा कि मेरे ज्वाइन करने से पहले कार्रवाई हुई है। मामले पर ज्यादा जानकारी देने से उन्हाेंने इनकार कर दिया।
कमाई एक करोड़ से कम, खर्च करीब चार करोड़
विजिलेंस विभाग की जांच में सामने आया कि समाज कल्याण विभाग के बाबू राम सिंह कश्यप की जुलाई 1992 से 2005 तक समस्त स्रोतों से कुल आय 93,80,087 रुपये हुई। हालांकि उन्होंने संपत्ति जुटाने में 4,088,79,59 रुपये खर्च कर दिए। जांच में स्पष्ट हुआ कि बाबू ने 13 साल में 3,14,9,872 रुपये का भ्रष्टाचार किया।
जांच में इतनी संपत्ति आई थी सामने
बाबू ने 1992 में पत्नी धनदेवी कश्यप के नाम फतेहगढ़ में 17 डेसीमल भूमि दुकान निर्माण के लिए खरीदी। 23 सितंबर 1997 को पत्नी के नाम पर सात बीघा कृषि भूमि राजा का रामपुर में खरीदी। 25 सितंबर 1998 में 10 बीघा भूमि पत्नी के नाम खरीदी। 9 जून 2000 में पत्नी के साथ संयुक्त रूप से 216 वर्ग मीटर भूखंड आवास विकास बढ़पुर में खरीदकर आलीशान घर बनाया। 31 जनवरी 2005 को 10 बीघा कृषि भूमि राजा रामपुर में पत्नी के नाम खरीदने के बाद 2005 तक रामसिंह कश्यप ने बाइक, लाइसेंसी रिवाल्वर, रायफल, कूूलर, फ्रिज, एसी, रंगीन टीवी, वॉंशिग मशीन, गीजर, मंहगा फर्नीचर खरीदने में लाखों रुपये खर्च किए।