गंगा जल देखने आई केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय की टीम
- फोटो : अमर उजाला
सोरों (फिरोजाबाद)। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड की तीन सदस्यीय टीम रविवार को तीर्थनगरी पहुंची। यहां उसने हरि की पैड़ी में गंगा बहले जल की संभावनाओं के साथ यहां के जलस्तर और प्रदूषण की स्थिति देखी। विधायक देवेंद्र राजपूत, स्थानीय लोगों एवं पर्यावरण विदें से बात कर जल के सतत प्रवाह के साथ साथ इसे प्रदूषणमुक्त बनाने के उपायों पर चर्चा की।
केंद्रीय भूमि जल बोर्ड दिल्ली के वरिष्ठ सदस्य डा.केसी नायक ने बताया कि तीर्थनगरी में स्नान के लिए हरिपदी में निरंतर पर्याप्त जल के प्रवाह के लिए संभावनाओं का अध्ययन करके केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती को रिपोर्ट सौंपेंगे। केंद्रीय मंत्री द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव पर संबंधित विभाग कार्यवाही करेगा।
विधायक देवेंद्र राजपूत ने निचली गंगा नहर हजारा से हरि की पैड़ी तक कवर्ड पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव अनुमोदित करके टीम को सौंपा। डा.राधाकृष्ण दीक्षित ने टीम को तीर्थनगरी के इतिहास व पौराणिक महत्व से अवगत कराया।
बताया कि 1863 में स्थापित बी श्रेणी की नगरपालिका का यह क्षेत्र अकबर के शासन काल में जनपद व राजा सोमदत्त सोलंकी की राजधानी रहा है। यहां भगवान विष्णु ने वराह के रूप में तीसरा अवतार धारण करके राक्षस हिरण्याक्ष का वध करके पृथ्वी को पाताल से निकालकर पुन: स्थापित किया था।
रामेश्वर दयाल महेरे एवं श्रीकांत तिवारी ने कुम्हरौआ से फर्रुखाबाद तक सूखी पड़ी बूढी गंगा को हजारा नहर से जोड़कर जल प्रवाह का प्रस्ताव रखा। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. विकास रंजन, क्षेत्रीय निदेशक वाईबी कौशिक, नगर भाजपा अध्यक्ष संजय दुबे, आशुतोष त्रिवेदी, ब्रजेश उपाध्याय, शिव वैंदेल, कमाल हसन, पंकज भार्गव, अनुराग तिवारी, धर्मेंद्र वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।