मिल ने बेची 15 हजार क्विंटल चीनी
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज। न्यौली चीनी मिल ने ही किसानों को दर्द नहीं दिया है बल्कि पड़ोसी जिला अलीगढ़ की गोपी चीनी मिल भी गन्ना किसानों का दर्द बढ़ाए हुए हैं। जिले के सैकड़ों गन्ना किसानों का 5 करोड़ रुपये गोपी चीनी मिल पर बकाया है। जिले के किसान भुगतान के लिए दर दर ठोकरें खा रहे हैं। न्यायालय के आदेश के बाद अलीगढ़ जिला प्रशासन मिल की आरसी जारी करके संपत्ति कुर्क भी कर चुका है, लेकिन जिले के किसानों का भुगतान फिर भी नहीं हो सका।
6 साल पहले जब न्यौली चीनी मिल गन्ना किसानों का भुगतान लटका रही तो किसानों ने पड़ोसी जिला अलीगढ़ की गोपी चीनी मिल में गन्ने की बिक्री की। उस समय गोपी चीनी मिल ने आश्वासन दिया था कि गन्ना खरीद के बाद शीघ्र ही भुगतान कर दिया जाएगा। समय गुजरता गया मिल ने चीनी भी बेच ली और फिर किसानों का भुगतान भी नहीं किया। उसके बाद मिल बंद हो गई । सैकड़ों किसान न्यायालय गए। उन किसानों में कासगंज के किसान भी शामिल थे। जिले के सैकड़ों किसानों का 5 करोड़ रुपया मिल पर बकाया है। न्यायालय से आदेश मिला कि मिल की संपत्ति बेचकर किसानों का बकाया भुगतान करा दिया जाए। अलीगढ़ जिला प्रशासन ने गोपी चीनी मिल की आरसी जारी कर दी और संपत्ति कुर्क की। उसके बाद मिल मालिकान हरकत में आए। समझौता किया कि हर साल 25 लाख रुपये का भुगतान किश्त के रूप में जिला प्रशासन को करेंगे जिससे कि किसानों का बकाया भुगतान हो सके। जिले के गन्ना किसान भुगतान की उम्मीद में दर दर भटक रहे हैं, लेकिन अभी उनकी उम्मीद पूरी होती नहीं दिख रही। कलानी के किसान रामस्वरूप का कहना है कि हमने वर्ष 2013 में मिल को गन्ना बेचा, लेकिन गन्ने का भुगतान नहीं हुआ। मिल पर हमारा एक लाख रुपये बकाया है।
किसान नेताओं की बात-
- किसानों का भुगतान जल्द किया जाए अन्यथा भारतीय किसान यूनियन कासगंज से लेकर अलीगढ़ तक प्रदर्शन करेगी। भगवान सिंह राघव, प्रांतीय उपाध्यक्ष भाकियू।
- अलीगढ़ मंडल के पदाधिकारी अलीगढ़ जिला प्रशासन से मुलाकात करेंगे। कासगंज के किसानों का भुगतान कराया जाएगा। श्यामवीर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष भाकियू।
- अलीगढ़ गन्ना विभाग गन्ने के बकाए का भुगतान करा रहा है। जिले के सैकड़ों किसानों का भुगतान गोपी चीनी मिल पर बकाया है। हमने पत्र भेजा है। ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
- चीनी मिल की आरसी जारी की जा चुकी है। मिल प्रशासन 25 लाख रुपये किश्त के हिसाब से दे रहा है। किसानों का बकाया भुगतान किया जा रहा है। राकेश कुमार, अपर सांख्यिकी अधिकारी गन्ना, अलीगढ़।