मथुरा। गिरते भूगर्भ जल और खारे पानी की समस्या को लेकर अब तालाब व पोखरों की सफाई व खोदाई को लेकर कार्य योजना बनाई जाएगी। इसके लिए 516 ग्राम पंचायतों में 1721 छोटे बड़े तालाब पोखर का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
जनपद के 10 ब्लाकों में ज्यादातर गांवों में भूगर्भ जल खारा है। साथ ही नौहझील, बलदेव, राया व फरह ब्लाक डार्क जोन में हैं। इन ब्लाकों में भूगर्भ जल 100 फुट से अधिक गहरा है। जल संरक्षण को लेकर मंगलवार को हुई कार्यशाला के बाद अब तालाब व पोखरों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
इसमें तालाब पोखरों की माप व निर्धारित जमीन आदि की जानकारी जुटाई जा रही है। डीपीआरओ डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि 516 ग्राम पंचायतों में 1721 तालाब व पोखर हैं। अब वर्तमान में वे किस हालत में हैं, सूखे हैं या पानी से भरे हैं। कितनी जमीन में फैलाव है और कितने तालाबों पर कब्जा हो चुका है, इसका रिकार्ड जुटाया जा रहा है।