बरनाहल (मैनपुरी)। घर में शौचालय न होने का खामियाजा एक वृद्ध को जान देकर चुकाना पड़ा। वृद्ध की खेत पर जाते समय मुख्य मार्ग पर भरे पानी में गिरकर मौत हो गई।
परिजनों ने ग्राम प्रधान और सरकारी तंत्र को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना था कि अगर घर में शौचालय होता या मुख्य मार्ग दुरुस्त होता तो यह हादसा नहीं होता।
विकास खंड क्षेत्र के गांव एहमासन नगर निवासी 60 वर्षीय सुघर सिंह के घर में शौचालय नहीं बना है। इसके चलते वह रोजाना की तरह ही रविवार सुबह करीब तीन बजे खेत में शौच के लिए जा रहे थे। किसी तरह वह घर के सामने ही मुख्य मार्ग पर भरे पानी में गिर गए।
अंधेरा होने के कारण किसी को वृद्ध के गिरने की भनक तक नहीं लगी। सुबह पानी में वृद्ध का शव पड़ा मिला। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुुलिस ने शव को कब्जे में लेना चाहा तो परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
मृतक के पुत्र पुष्पेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि मौत की वजह गली में जलभराव व घर में शौचालय का न होना है। अगर घर में शौचालय होता तो पिता की मौत नहीं होती। प्रधान और अधिकारियों को लेकर मृतक के परिजनों व ग्रामीणों में रोष व्याप्त था।
परिजनों के अनुसार सुघर सिंह जब भी खेत पर शौच के लिए जाते थे, तब अकसर कहा करते थे कि किसी दिन जलभराव में गिरकर मर जाऊंगा। उनकी बात सही साबित हुई। ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह गिरकर मौत हुई है, वहां करीब पांच फीट गहरा गड्ढा है।
मृतक सुघर सिंह के पुत्र का आरोप है कि ग्राम प्रधान से कई बार शौचालय बनवाने के लिए कहा गया, लेकिन शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। बताया कि करीब 10 वर्षों से मुख्य मार्ग पर जलभराव है। कई बार राजनेताओं से लेकर अधिकारियों तक के चक्कर लगाए, लेकिन सुधार नहीं हुआ।