कटरा समान (मैनपुरी)। ग्राम पंचायत कटरा समान के पांच मजरों के किसानों की पांच सौ बीघा जमीन पर खड़ी फसल माइनर में खंदी लगने से जलमग्न हो गई। जलभराव के कारण किसान गेहूं की फसल में नुकसान होने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल की बर्बादी के कारण कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। खेतों में फसल बर्बाद होती देख किसानों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ग्रामसभा समान के मजरा बल्लमपुर, गुलाबपुर, भगवंतपुर, पहाड़पुर, बहमनीपुर गांव के लोग शुक्रवार सुबह जब खेतों की तरफ पहुंचे तो खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को जलमग्न देख उनके होश उड़ गए। क्षेत्र से गांगसी-समान माइनर गुजर रही है, जिसकी पटरी में बल्लमपुर और पहाड़पुर गांव के पास रात में अचानक खंदी लग गई। रात में 300 से अधिक किसानों की 500 बीघा खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई।
सुबह किसान खुद ही फावड़ा लेकर कटी पटरी को पाटने में लग गए। सिंचाई विभाग को सूचित किया गया, तो सिंचाई विभाग ने दो जेसीबी लगाकर खंदी पाटने का काम शुरू किया। तब तक किसानों की गेहूं की लहलहाती फसल डूब चुकी थी। पीड़ित किसान जसवंत सिंह, सुखराम सिंह, श्यामसुंदर, आशाराम, देवेंद्र यादव, हुकुम सिंह, दशरथ सिंह, रमेश, नेत्रपाल, अभयराम, राजेंद्र, कोमल सिंह, सतीश, उदयराज, वीरपाल, अनिल यादव, रामौतार, ध्रव सिंह, रामदीन, अनोज, संतोष, सतीश, कलक्टर सिंह, मास्टर सिंह आदि किसानों ने फसल के नुकसान की भरपाई किए जाने की सरकार से मांग की है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि सिल्ट की सफाई किए बिना ही रजवाह में पानी छोड़ने के कारण ये खंदी लगी है। अगर सिल्ट सफाई की जाती तो किसानों की मेहनत पर पानी नहीं फिरता। इसी को लेकर किसानों में आक्रोश था और उन्होंने नाराजगी प्रकट करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
खेतों में जलभराव की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। खेतों से निकलने वाले बंद पड़े नालों की सफाई का कार्य देर शाम शुरू कर दिया गया था। इसके साथ ही पानी निकालने की कवायद जारी थी।