मथुरा। यमुना शुद्धिकरण का शासन का मेगा प्लान नौकरशाही के जाल में उलझ कर रह गया है। सरकारी विभाग ही इस 460 करोड़ की योजना में रोड़ा बने बैठे हैं। छह विभागों द्वारा एनओसी ना दिए जाने के कारण योजना पर काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
शासन द्वारा यमुना को शुद्ध करने के लिए नमामि गंगे योजना के तहत 460 करोड़ की योजना तैयार की। इस योजना के तहत मथुरा के गंदे पानी को यमुना किनारे नाला तैयार करने तथा एसटीपी और एसपीएस आदि पर काम किया जाना था। काम को शुरू करने के लिए निर्माण इकाई जल निगम को सात विभागों की एनओसी लेेनी थी। शासन की तमाम सख्ती के बाद भी जल निगम को सिर्फ नगर निगम द्वारा ही एनओसी दी गई, जबकि वन विभाग, रेलवे, पीडब्ल्यूडी, प्रदूषण और सिंचाई विभाग द्वारा एनओसी तक नहीं दी गई है।
शासन द्वारा काम में लापरवाही मानते हुए जल निगम के जीएम कृष्ण गोपाल सिंह को निलंबित कर दिया। कहीं शासन की गाज स्थानीय अधिकारियों पर न गिर जाए इसके चलते संबंधित अधिकारी विभागों की एनओसी पाने के लिए विभागों में एनओसी पाने के लिए डेरा डाले हैं। इस संबंध में वह कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं। एनओसी के संबंध में डीएम द्वारा कुछ दिन पूर्व सभी विभागों को चेतावनी भी दी जा चुकी है।