कासगंज। बच्चों को रूबेला वायरस की चपेट में आने से बचाने के लिए सरकार ने इसके टीकाकरण की योजना बनाई है। प्रदेश स्तर पर 26 नवंबर से यह अभियान शुरू होगा। अभियान को देखते हुए कार्यशाला का आयोजन किया गया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डा. अजय पवार ने बताया कि भारत सरकार ने मिजिल्स, रूबेला, कांजीनेटल रूबेला सिंड्रोम बीमारियों को वर्ष 2020 तक समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के माध्यम से मिजिल्स रूबेला वैक्सीन का नियमित टीकाकरण कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से चलाया जाएगा। 26 नवंबर से प्रदेश के सभी जनपदों में 5 सप्ताह तक अभियान चलेगा। पहले दो सप्ताह में स्कूल, सरकारी, प्राइवेट, मिशनरी, मदरसे आदि में टीकाकरण होगा। अगले दो सप्ताह समुदाय आधारित क्षेत्रों में टीकाकरण होगा। अंतिम एक सप्ताह छूटे हुए क्षेत्रों में टीकाकरण किया जाएगा। जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि यह काफी खतरनाक बीमारी है। जिले में साढ़े चार लाख बच्चों को टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। माइक्रो प्लान व ड्यू लिस्ट तैयार कर लिया जाए। सीएमओ डा. प्रतिभा श्रीवास्तव, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसपी सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक आरएसएस राजपूत, जिला पंचायत राज अधिकारी विश्वनाथ सिंह, डब्लूएचओके डा. अतुल आदि मौजूद रहे।
गर्भवती महिलाएं होतीं हैं सबसे अधिक प्रभावित
कासगंज। रूबेला वायरस काफी खतरनाक वायरस है। गर्भवती महिलाओं पर इसका असर सबसे अधिक होता है। वायरस से प्रभावित होने पर गर्भ में पल रहे बच्चे के विकलांग होने या उसके जीवन के लिए खतरा पैदा हो जात है।
क्या है रूबेला वायरस के लक्षण
- तेज बुखार आना।
- शरीर पर लाल दाने या चकते होना।
- ग्रंथियों में सूजन आना या दर्द होना।
- शरीर में बहुत अधिक दर्द होना।
- लगातार सिर में दर्द रहना।
- आंखों में सूजन रहना।
- भूख न लगना।
- थकान और चक्कर आना।