फिरोजाबाद। आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत अभी सिर्फ कागजों में हुई है। जिले में एक भी मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज को नहीं पहुंचा है। प्राइवेट अस्पतालों की बात करें तो कोई मरीज आयुष्मान भारत योजना का नाम लेकर पहुंचे तो उन्हें कुछ समय बाद आने को कह दिया जाता है। क्योंकि लागिन आईडी, पासवर्ड न आने के कारण योजना ठप पड़ी है।
कोटला चुंगी स्थित डा. एमसी अग्रवाल अस्पताल भी आयुष्मान योजना में शामिल हैं। यहां इलाज को पहुंचने वाले एक, दो पात्र मरीजों को फिलहाल के लिए टाल दिया गया। क्योंकि आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड जिस साफ्टवेयर से डाउनलोड किए जा रहे हैं, उसका आईडी, पासवर्ड भी नहीं दिया गया है। ऐसे में पात्रों का ब्योरा नहीं देखा जा सकता है। कब योजना शुरू हो सकेगी, उसकी जानकारी मरीज को भी संतोषजनक रूप से नहीं दी जा रही है। अस्पताल संचालक का कहना है कि आईडी, पासवर्ड नहीं आया। इसलिए अभी आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत नहीं हो सकी है।
आयुष्मान भारत योजना को कई चरणों में शुरुआत की। प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधियों ने भी हरेक समारोह में उपलब्धियां बताई। करीब 10 लाख पात्र जिले में हैं, मगर इस योजना के अंतर्गत एक सप्ताह से ज्यादा समय में इलाज नहीं कराया है।
- प्राइवेट अस्पतालों में आईडी, पासवर्ड पहुंच रहे हैं। जल्द ही यह योजना पूरी तरह शुरु हो जाएगी। सरकारी अस्पतालों के सीएमएस से बैठक करेंगे ककि इस योजना के अंतर्गत मरीजों को लाभ दिलाएं।
- डा. एसके दीक्षित, सीएमओ
पात्रों की संख्या
शहरी क्षेत्र - 49 हजार परिवार
देहात क्षेत्र - एक लाख 72 हजार परिवार
अस्पताल - कुल सात