एटा। जैन मेला महोत्सव के दूसरे और अंतिम दिन मेला पंडाल घंटाघर पर क्षमावाणी पर्व मनाया गया। इस मौके पर सुबह अभिषेक पूजन के बाद सभी ने एक-दूसरे गले मिलकर बीते वर्ष में की गई गलतियों की क्षमा मांगी। इस मौके पर पंडित कमलेश जैन ने बताया कि क्षमा वीरों का आभूषण होता है। क्षमावाणी पर्व हमें बैर भाव मिटाकर प्रेम भाव से रहने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हमें कभी मित्र से क्षमा नहीं मांगनी चाहिए। हमें शत्रु से क्षमा मांगनी चाहिए।
जैन मेला पंडाल से भगवान पुष्पदंतनाथ की रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा जैन मेला पंडाल से शुरू होकर गोदाम चैकी, जीटी रोड, हाथी गेट, सुभाष मूर्ति, वली मोहम्मद चौराहा, महावीर पार्क, नन्नूमल चैराहा, पुलिया गर्वी होती हुई पुरानी बस्ती स्थित बड़े जैन मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई। रथयात्रा में धार्मिक भजनों की धुनों पर श्रद्धालु थिरकते चल रहे थे। रथयात्रा के बड़े जैन मंदिर पहुंचने पर भगवान का अभिषेक किया गया और शांतिधारा हुई। सुरेश चंद्र जैन, राजेश चंद्र जैन, अनुज जैन, अनिल जैन, गजेंद्र जैन, संजीव जैन, बबिता जैन प्रेरणा, इंद्रा जैन, ऊषा जैन, रानी जैन, विनीता जैन समेत तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।
नाट्य प्रस्तुति ने मोहा मन
जैन मेला पंडाल में सोमवार रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर दिल्ली से आई पार्टी के कलाकारों ने नाटक एक करुण पुकार की प्रस्तुति दी। इस मौके पर तमाम लोग मौजूद रहे।
वीर मंडल 30 सितंबर को मनाएगा क्षमावाणी पर्व
स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने की ओर बढ़ रही संस्था श्री दिगंबर जैन वीर मंडल 30 सितंबर को क्षमावाणी महोत्सव का आयोजन करेगा। जिला पंचायत स्थित जनेश्वर मिश्र सभागार में आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस मौके पर शताब्दी वर्ष का आगाज भी किया जाएगा। यह जानकारी अध्यक्ष संजय जैन ने दी।