Clean School, Green School Scheme
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एटा। एक बार फिर 176 विद्यालयों की कुंडली खोली जा रही है। फर्जी तरीके से भू अभिलेख दिखाकर ली गई मान्यता की जांच इस बार एडीएम वित्त एवं फाइनेंस महेश चंद्र शर्मा कर रहे हैं। जबकि पूर्व में भी हुई जांच में इन विद्यालयों द्वारा फर्जीबाडा कर मान्यता लिए जाने की पुष्टि हो चुकी है। मगर कार्रवाई आज तक नही हो पाई थी।
दरअसल, वर्ष 2010 में तत्कालीन जिलाधिकारी गौरव दयाल को शिकायत प्राप्त हुई थी कि जिले में तमाम विद्यालयों ने फर्जी तरीके से भू अभिलेखों को दिखाकर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मान्यता ले ली है। जांच में फर्जी भू अभिलेखों सहित अन्य तमाम अनियमितताएं पाई गई थी।
डीएम ने 176 माध्यमिक स्कूलों के भू-अभिलेखों में गड़बड़ी आदि को लेकर मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की संस्तुति शासन से की। मगर तब से लेकर अब तक किसी भी विद्यालय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। मगर, एक बार फिर इन विद्यालयों की जांच शुरू हो गई है। जिले में 574 विद्यालय है, जिनमें राजकीय 24 और 54 सहायता प्राप्त तथा 498 वित्तविहीन विद्यालय है। इनमें से 176 वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता पर एक बार फिर तलवार लटक गई है।
जिले में कुछ विद्यालयों में फर्जी तरीके से
भू अभिलेखों को सहारे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मान्यता ले ली है जिसकी शिकायत पर जांच की जा रही है। जल्द ही जांच कर अंतिम रिपोर्ट दी जाएगी।
महेश चंद्र शर्मा, एडीएम - वित्त एवं राजस्व
भू अभिलेखों को लेकर वर्ष 2010 में विद्यालयों की जांच हुई थी। जब से मामला शासन स्तर पर है। वहीं से आए आदेश पर ही एडीएम जांच कर रहे हैं। मुझे बहुत ज्यादा इसके बारे में जानकारी नहीं है।
निरंजन देव वर्मा, डीआईओएस