कैनरा बैंक सिढ़पुरा के वैल्युअर एवं कस्बे के सराफा कारोबारी राहुल देव की धोखाधड़ी के मामले को लेकर कस्बे में चारों ओर चर्चाएं हो रहीं है। राहुल देव के धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुछ लोग गोल्ड लोन के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार हुए तो कुछ लोग प्रोपर्टी के धंधे में उसकी धोखाधड़ी का शिकार हुए।
राहुल देव योजनापूर्वक धोखाधड़ी के कार्य को अंजाम दे रहा था, लेकिन किसी को भनक नहीं लगी। जब कैनरा बैंक के शाखा प्रबंधक का स्थानांतरण हुआ और नए शाखा प्रबंधक का आगमन हुआ तो धोखाधड़ी के मामलों का खुलासा होने लगा। मामले के खुलासे की भनक लगते ही राहुल फरार हो गया। कस्बे में उसकी दुकान भी काफी समय से बंद पड़ी है। कस्बे के तमाम लोग उसकी धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। वहीं आस पास के तमाम लोग भी उसकी धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। सराफा कारोबारी के नाते उसके पास तमाम किसान सोना लेकर जरूरत के लिए पैसा उधार लेने जाते थे, लेकिन किसानों के सोने के साथ जालसाजी करके वह गोल्ड लोन ले लेता था। इसके लिए वह सोना लाने वाले लोगों की बैंक पास बुक व अन्य बैंक प्रपत्र भी लेता था और बैंक प्रपत्रों पर हस्ताक्षर कराके गोल्ड लोन ले लेता था। इस तरह के आरोप कई पीड़ितों ने लगाए हैं, लेकिन जांच पड़ताल के बाद ही सही स्थिति सामने आ सकेेगी। अभी तो जिन खाताधारकों के नाम गोल्ड लोन किया गया है वे सभी बैंक के बकायदार हैं।
इसी तरह से प्रोपर्टी के काम में भी प्लॉटिंग के नाम पर राहुल देव ने तमाम लोगों से धन ले लिया, लेकिन अभी तक उनके प्लॉटों के बैनामे नहीं हो पाए हैं। ऐसे शिकारों की संख्या भी काफी अधिक है। बैंक की कार्यवाही पर लोगों की निगाहें डटी हुई हैं।
- धोखे से पासबुक लेकर ले लिया कर्जा
धोखे का शिकार हुए सुनवई निवासी ओमसिंह का कहना है कि वे सर्राफा कारोबारी राहुल देव से अपने आभूषण रखकर कर्जा लेते रहते थे, एक दिन कारोबारी ने उनसे पास बुक मांग ली। इसके बाद उनके नाम से आभूषण रखकर बैंक से 1.89 लाख रुपये कर्ज ले लिया।
- बैंक से सूचना आने पर हुई जानकारी
हरचंदीपुर निवासी दिनेश कुमार का कहना है कि उन्होंने बैैँक से गोल्ड लोन नही लिया। उनको तो इस बात की जानकारी ही नहीं थी। जब बैंक से फोन आया तो उनको उनके नाम से कर्ज लिए जाने की जानकारी हुई। उन्होंने लोन के कागज पर न अंगूठा आदि नहीं लगाया। उके नाम से 1.83 लाख का लोन लिया गया है। उनके पिता के नाम से भी लोन लिया गया है।
- उनके पति कारोबारी के यहां करते हैं नौकरी
खरगातीपुर निवासी सुशीला ने बताया कि उनके पति सुशील कारोबारी के राहुल देव के यहां काम करते हैं। उनके व पति के नाम से सात लाख रुपये का कर्ज लोन लिया गया है। उनकी तो जमीन के कागज भी धोखे से मंगाकर ले लिए। बाद में बैंक से लोन ले लिया।