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रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा लेखपाल

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रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा लेखपाल - फोटो : अमर उजाला
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अवागढ़। गुरुवार को आगरा से आई एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ लिया। लेखपाल एक पीड़ित युवक से जमीन की नाप तौल कराने और कब्जा दिलाने के नाम पर रिश्वत वसूल कर रहा था। टीम ने लेखपाल को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कराया है। शुक्रवार को लेखपाल की मेरठ न्यायालय में पेशी होगी।
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अवागढ़ थाना क्षेत्र के गांव नगला गरीबा निवासी कायम सिंह पुत्र किशन सिंह ने पिछले साल अक्तूबर माह में तहसील में अपनी जमीन की नापतौल और कब्जा कराने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया था। मामले में तहसील, डीएम और अन्य किसी स्तर से कार्रवाई नहीं हुई। कुछ दिनों बाद तहसील में पीड़ित कायम सिंह की मुलाकात अवागढ़ क्षेत्र में तैनात लेखपाल करतार सिंह चौहान निवासी बढेरा बावसा से हुई। लेखपाल करतार सिंह चौहान ने पीड़ित युवक से 15 हजार रुपये की मांग की और जमीन पर कब्जा दिलाने की बात कही। पीड़ित ने रिश्वत लिए जाने की सूचना एंटी करप्शन टीम को दी। गुरुवार को पांच हजार रुपये लेखपाल को देने का वादा किया गया। तय वादे के मुताबिक लेखपाल ने पीड़ित को अवागढ़ के आगरा रोड स्थित चंद्रा मेडिकल स्टोर के पास बुलाया। यहां पीड़ित ने लेखपाल को पांच हजार रुपये दिए। जैसे ही रकम लेखपाल के हाथ मेें पहुंची, तो आगरा से आई एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को दबोच लिया। लेखपाल के हाथ में वही नोट निकले, जो टीम ने पीड़ित को दिए थे। टीम ने लेखपाल करतार सिंह चौहान को गिरफ्तार किया और थाने ले आई। यहां लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। टीम के अधिकारियों ने बताया कि रिश्वतखोर लेखपाल की शुक्रवार को मेरठ न्यायालय में पेशी होगी। इस दौरान टीम में प्रभारी राजीव यादव, आरपी सिंह, एनसी शर्मा, रोहताश सिंह, बहादुर सिंह, अनीता यादव, संध्या निगम, राघवेंद्र सिंह और सरकारी गवाह के तौर पर अनिल यादव, केके चौहान मौजूद रहे।

लेखपाल ने दर्ज कराया था झूठा मुकदमा
पीड़ित कायम सिंह ने रिश्वतखोरी की पोल लेखपाल से पीड़ित होकर खोली। बताया जाता है कि कुछ दिनों पहले कायम सिंह अपने खेत से मिट्टी लाकर घर के निर्माण कार्य में लगा रहा था। जिस पर लेखपाल ने कायम सिंह के खिलाफ अवैध खनन का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद पीड़ित ने लेखपाल की सच्चाई उजागर करने की ठान ली थी।
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