एक ओर पेड़ काटने का, दूसरी ओर डामर जलाने का
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फिरोजाबाद। पर्यावरण मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में बुधवार को आगरा में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मंत्रालय सचिव के सकारात्मक रुख से सुहागनगरी के कांच उद्योग को गैस मिलने संभावना बढ़ गई है। सचिव ने स्पष्ट कहा है कि टीटीजेड खुद निर्णय लेने में सक्षम है। इकाइयों को गैस देने का निर्णय टीटीजेड अधिकारी ले सकते हैं। पर्यावरण मंत्रालय को बार-बार प्रकरण न भेजें।
आगरा कमिश्ररी में पर्यावरण मंत्रालय के सचिव सीके मिश्रा ने टीटीजेड में संचालित उद्योगों के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में आगरा के नेशनल चेंबर ग्रुप, फिरोजाबाद से यूपीजीएमएस, पकाई भट्टी समिति के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। उद्यमियों ने कहा कि टीटीजेड में जनवरी-15 से बिना किसी आदेश के नए उद्योगों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार पर रोक लगा दी है। इसके चलते कांच उद्योग प्रभावित हो रहा है। करोड़ों रुपये का सेटअप लगाने के बाद भी इकाइयों को गैस नहीं मिल रही। क्षमता के अनुरूप गैस नहीं मिलने से उद्योग बार-बार बंद करने पड़ते हैं।
इसके चलते मुश्किलें आ रही हैं। उद्यमियों का पक्ष सुनने के बाद पर्यावरण मंत्रालय के सचिव सीके मिश्रा ने कहा कि टीटीजेड अथॉरिटी उपायुक्त उद्योग के माध्यम से यह आंकलन करें कि 1996 से पूर्व कितने कोयले की खपत होती थी, वर्तमान में किसी गैस की डिमांड है। इसका आंकलन कर कांच इकाइयों को गैस देने का निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीटीजेड से जुड़ा कोई मामला पर्यावरण मंत्रालय न भेजा जाए। टीटीजेड खुद निर्णय लेने में सक्षम है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यह निर्धारित कर ले कि नई इकाइयों को गैस मिलने के बाद प्रदूषण न बढ़े। प्रदूषण रोकने के उपाय करें। बैठक में नगर विधायक मनीष असीजा भी पहुंचे। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन, सहायक प्रबंधक आरके पाठक, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पीपी श्रीवास्तव, उद्यमी राजकुमार मित्तल, मुकेश बंसल टोनी, प्रदीप पचौरी, संजय अग्रवाल जीटी, विनय गोयल, राजीव झिंदल, मनोज शर्मा, औद्योगिक सलाहकार सुरेंद्र शर्मा मौजूद रहे।