एटा/अवागढ़/जलेसर।
आरक्षण के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने अवागढ़ में जहां बाइक रैली निकाल कर आरक्षण को लेेकर पुतला फूंका। जलेसर और एटा में सवर्ण समाज के लोगों ने जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
जलेसर में एसडीएम विजय कुमार और एटा में कलेक्ट्रेट पहुंच एडीएम प्रशासन धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। जुलूस के दौरान लोग किसी भी तरह की हिंसात्मक घटना को अंजाम न डाले इसको लेकर पुलिस जगह जगह सतर्क रही।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे भारी तादाद में सवर्ण समाज के लोग शहीद पार्क पर एकत्रित हुए। जहां से आरक्षण के विरोध में नारेबाजी करते हुए जुलूस की शुरुआत की, जो कलेक्ट्रेट पर पहुंचा। जहां आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने के लिए राष्ट्रपति के नाम एडीएम प्रशासन धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। विशन पाल सिंह चौहान, अवनीश बंसल, अनुज दीक्षित, अतुल राठी, दीपू पंडित, मानव दीक्षित, मोहित दीक्षित, दिलीप पचौरी, सुनील पाठक, देश, पारस, पंकज गुप्ता, अखिलेश सिंह राठौर, संजीव जैन, दिनेश कुमार आदि शामिल रहे।
जबकि अवागढ़ में सुबह से ही बाजार बंद कराए जाने को लेकर लोग बाइक पर निकले। आरक्षण के विरोध में युवाओं ने बाइक रैली निकाली। इसके बाद अखाड़ा चौराहा पर एकत्रित होकर आरक्षण का पुतला फूंका। दौरान एसडीएम जलेसर विजय कुमार और सीओ अशोक कुमार मौके पर पहुंचे, जिनके कहने पर पुलिसकर्मियों ने युवाओं से जलते हुए पुतले का छीन लिया। लोगों से वार्ता कर उन्हें शांत किया। अवागढ़ में दोपहर बाद बाजार खुलना शुरू हुए। इस दौरान दीपक गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, कशाग्र उपाध्याय, प्रिस वार्ष्णेय, सुभाष वार्ष्णेय, किशन वार्ष्णेय, रानू, प्रिंस झा, धर्मेंद्र सिंह, अतुल वार्ष्णेय, उमेश गोयल, रवींद्र, पंकज गुप्ता आदि मौजूद रहे।
वहीं जलेसर में दो अप्रैल के आरक्षण के समर्थन में किए गए प्रदर्शन के फलस्वरूप सवर्ण समाज द्वारा क्षत्रिय नेता पवेंद्र सिंह पम्मी ठाकुर के नेतृत्व मे जुलूस निकाला गया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जहां क्षत्रिय नेता पवेंद्र सिंह पम्मी ठाकुर ने कहा कि आरक्षण प्रक्रिया जाति आधारित समाप्त कर गरीबी आधारित की जाए। ज्ञापन देने वालों में ठा. श्यामवीर सिंह, मुकेश ठाकुर, विजय जादौन, मान सिंह सिसोदिया, एएस नंदा, रिन्कू मामा, अजय कुमार, अजीत प्रताप सिंह, मूलचंद्र, रेशम पाल सिंह, राम नरेश, पवन ठाकुर, मुकअ सिंह बघेल, विजय प्रताप सिंह, सोनू कुमार आदि मोजूद थे।
फीका रहा मंगलवार का बाजार
यूं तो एटा मंगलवार को बंद रहता है। मगर गांधी मार्केट में लगने वाला मंगलवार का बाजार भघीका रह। सोशल मीडिया पर भारत बंद का चल रहे मैसिज को लेकर घरों से कम ही निकले। जिसका असर बस स्टैंड आदि पर भी देखने को मिला।
कहीं पुतला फूंका तो कहीं विरोध में निकाला जुलूस
कासगंज/सोरों। आरक्षण के विरोध में सोशल मीडिया पर भारत बंद का सोरों में असर देखने को मिला। यहां के बाजार बंद रहे। कई संगठनों ने आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन किए। जबकि कासगंज सहित जनपद के अन्य हिस्सों में बंद का कोई असर देखने को नहीं मिला। आम दिनों की तरह ही बाजार खुले रहे। बंद के आह्वान को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क बना रहा।
आरक्षण के विरोध में भारत बंद की शोशल मीडिया पर अपील की गई थी। इस अपील को देखते हुए तीर्थ नगरी में सोशल मीडिया पर आरक्षण के विरोध में बाजार बंद रखे जाने की अपील का असर तीर्थ नगरी में देखने को मिला। तीर्थ नगरी के चंदन चौक, सर्राफा गली, अनाज मंडी, कटरा बाजार, रामसिंहपुरा, कसरेट बाजार आदि बाजार बंद रहे। गंगा भक्त समिति, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा व युवा तीर्थ पुरोहितों ने बंद को अपना समर्थन दिया। युवा तीर्थ पुरोहितों ने द्वारिकाधीश मंदिर चौराहे पर इकट्ठे होकर आरक्षण व्यवस्था के विरोध में नारेबाजी की। राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पं. भारत किषोर दुबे ने कहा कि ब्राह्मणों ने हमेशा दलितों की सहायता कर उनका कल्याण किया है। गंगा भक्त समिति के अध्यक्ष सतीश भारद्वाज ने कहा आरक्षण को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए। दिवाकर सोनी, नीतेश मेधावी, राकेश उपाध्याय, अनुज दुबे, सुशील भारद्वाज, राधाकृष्ण भारद्वाज, हरीशंकर महेरे, राकेश अग्रवाल, गुंजन तिवारी आदि मौजूद रहे। जबकि कासगंज, गंजडुवारा, पटियाली सहित जनपद के अन्य इलाकों के बाजार आम दिनों की तरह खुले। लोगों ने बाजार पहुंच कर अपनी आवश्यकता के सामान की खरीदारी की।
राष्ट्रवादी प्रताप सेना ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
आरक्षण के विरोध में राष्ट्रवादी प्रताप सेना ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी देवेद्र प्रताप सिंह को सौंपा। प्रताप सेना ने आरक्षण को समाप्त करने की मांग की। जिला अध्यक्ष संजय सिंह पुुंढीर ने कहा कि जातिगत आधार पर आरक्षण की व्यवस्था पूरी तरह से अनुचित है। समाज के हर वर्ग में लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं। राजनीतिक पार्टियां अपने लाभ के लिए लगातार आरक्षण की समय सीमा बढ़ाती चली जा रही हैं। धर्मेंद्र चौहान, सचिन कुमार पुंढीर, मनीष पुंढीर, शिवकुमार सिंह, राकश्ेा सोलंकी, रवि प्रकाश सिंह, छोटे लाल, यशपाल आदि मॉजूद रहे।