फिरोजाबाद। जेड़ाझाल परियोजना के अंतर्गत सैलई में निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शुक्रवार को जलनिगम के चीफ इंजीनियर, अधीक्षण अभियंता ने सदर विधायक के साथ निरीक्षण किया। प्लांट की धीमी प्रगति पर कंपनी को जुर्माने की चेतावनी दी। काम को गति देने के लिए इसी महीने परियोजना में पचास करोड़ रुपये और शासन से मिलेंगे।
सदर विधायक मनीष असीजा, जलनिगम के चीफ इंजीनियर आरके गर्ग, अधीक्षण अभियंता नवीन गुप्ता दोपहर करीब तीन बजे सैलई में निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां 120 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण नई दिल्ली की एसएसजी इन्फ्राटेक प्रा.लि. कंपनी कर रही है। शासन-प्रशासन की समीक्षा के बाद भी कार्य प्रगति धीमी चल रही है।
अफसरों ने सदर विधायक के साथ प्लांट का निरीक्षण किया तो फिल्टर हाउस की प्रगति धीमी मिली। चीफ इंजीनियर आरके गर्ग ने कंपनी के प्रतिनिधि डीएस मवाल को चेतावनी दी कि अन्य प्लांट से हटाकर सभी कर्मचारियों को फिल्टर हाउस के कार्य लगा कर काम में तेजी लाएं। जनवरी माह के अंत तक फिल्टर हाउस की प्रगति नहीं बढ़ी तो कंपनी पर लाखों का जुर्माना किया जाएगा।
चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन राकेश कुमार ने प्लांट का कार्य पूरा होने के संबंध में पूछा तो उन्होंने कहा कि मई-18 तक निर्माण पूरा कर प्लांट चालू कर दिया जाएगा। इस पर एक्सईएन से लिखित में लिया गया। नगर विधायक मनीष असीजा ने बताया कि जेड़ाझाल परियोजना के कार्य की धीमी गति का विषय उन्होंने आश्वासन समिति की बैठक में रखा था। मंत्रालय में व्यक्तिगत तौर पर बताया। शासन से इसी माह इस परियोजना के लिए पचास करोड़ रुपये की धनराशि और मिलेगी। वर्ष 2018 में नगर की जनता को मीठा पानी मिलेगा।