मथुरा। जवाहरबाग को पिकनिक स्पॉट में बदलने की राज्य सरकारी की प्लानिंग कागजों से जमीन पर नहीं उतर पा रही है। रामवृक्ष यादव के कब्जे के दौरान हुई हिंसा के बाद जवाहरबाग सिर्फ सुंदरीकरण का ख्वाब बनकर रह गया है। करीब 10 माह पहले स्वीकृत योजना पर अब तक काम नहीं शुरू हो सका है। इस स्थिति पर उद्यान विभाग ने एक बार फिर निर्माण एजेंसी से चिंता जताई है।
दो जून 2016 में हिंसा के बाद देश भर की सुर्खियां बने जवाहरबाग से यह बदनुमा दाग धुलने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य सरकार ने भले ही इसके लिए 15 करोड़ से ज्यादा की कार्ययोजना तैयार करके उसे स्वीकृति प्रदान कर दी है, लेकिन निर्माण एजेंसी अब तक काम करती नजर नहीं आ रही है। पिछले करीब 10 माह से यह स्थिति बनी हुई है।
योजना के मुताबिक जवाहर बाग को पिकनिक स्पॉट के रूप में तैयार करना है, जिसमें लाइटिंग, पथ-वे, फुव्वारे सहित परिवार सहित लोगों को आकर्षित करने के लिए बहुत सुविधाएं होंगी। इसके लिए पहली किश्त भी कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण को जारी हो चुकी है।
दो माह पहले उद्यान विभाग की संयुक्त सचिव ने जवाहर बाग के निरीक्षण के दौरान काम शुरू न करने पर नाराजगी जाहिर की थी। पिछले माह ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष ने भी निरीक्षण किया। जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार ने फिर लखनऊ को पत्र भेजकर चिंता जाहिर की है। कहा है कि कार्य की प्रगति बेहद चिंताजनक है।